Trump H-1B visa fee increase 2025 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा के लिए शुल्क 1 लाख डॉलर तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इस फैसले का असर अमेरिकी तकनीकी कंपनियों से लेकर भारतीय पेशेवरों तक बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा है। ट्रंप प्रशासन की मंशा है कि इससे अमेरिकी नागरिकों को रोजगार मिलने में मदद मिले और विदेशी श्रमिकों की संख्या नियंत्रित हो।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘कमजोर’ कहा। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले भारत की वैश्विक साख को कमजोर करते हैं राहुल गांधी ने मोदी सरकार को अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का जवाब
राहुल गांधी की आलोचना पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीखा पलटवार किया। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की विदेश नीति को मजबूती से संभाला है और देश हित में निर्णय लिए हैं। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वह अपनी राजनीतिक भाषा सुधारें और देश के खिलाफ बयानबाजी करने से बचें।
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Trump H-1B visa fee increase 2025 : निर्णय के संभावित प्रभाव
H-1B वीजा शुल्क वृद्धि से भारतीय आईटी और तकनीकी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने के अवसरों में कमी आ सकती है। बड़ी कंपनियां इस योजना से प्रभावित हो रही हैं, और कई ने कर्मचारियों को सरकार से नए नियम समझने के लिए कहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय पेशेवरों को वैकल्पिक विकल्पों की तलाश करनी पड़ेगी।
Trump H-1B visa fee increase 2025 : राजनीतिक माहौल
राजनीतिक माहौल में इस मुद्दे ने केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस को जन्म दिया है। जबकि कांग्रेस सरकार की आलोचना कर रही है, भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति देश हित में सबसे बेहतर है।
अमेरिकी H-1B वीजा शुल्क वृद्धि का मामला भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण विषय बन गया है। राहुल गांधी की टिप्पणियों के जवाब में विजय शर्मा ने केंद्र सरकार की विदेश नीति का बचाव किया और विपक्ष को संयम बरतने की सलाह दी। यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों रूपों में गरमाता रहेगा।
