क्या हॉलीवुड की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं?
trump foreign films 100 percent tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा कदम उठाया है—उन्होंने विदेशी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने इसे हॉलीवुड को बचाने का एक तरीका बताया है, क्योंकि उनके मुताबिक, अन्य देशों ने अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री को “चुरा” लिया है। यह घोषणा सोमवार को ट्रम्प के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर हुई। लेकिन सवाल ये है कि क्या यह कदम वाकई हॉलीवुड के लिए फायदेमंद साबित होगा, या फिर इससे उसे और ज्यादा मुश्किलें आ सकती हैं?
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ट्रम्प ने कहा कि विदेशों से आने वाली फिल्मों ने अमेरिका की सिनेमा इंडस्ट्री को न सिर्फ आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाया है, बल्कि उन्होंने अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को अपने देशों में आकर्षित करने के लिए लुभावने ऑफर भी दिए हैं। ट्रम्प का कहना था, “यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई बच्चा चॉकलेट चुरा ले। दूसरे देशों ने हमारी फिल्म इंडस्ट्री पर कब्जा कर लिया है, और अब हमें इसे बचाना है।”

उन्होंने खास तौर पर कैलिफोर्निया राज्य का नाम लिया, जहां हॉलीवुड स्थित है। ट्रम्प के अनुसार, कैलिफोर्निया की सरकार की “कमजोरी” और “बुरे गवर्नर” की वजह से यह राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। उन्होंने वादा किया कि अब वह अमेरिका के बाहर बनने वाली फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाएंगे, ताकि यह सिलसिला रोका जा सके।
यह पहली बार नहीं है कि ट्रम्प ने ऐसी कोई घोषणा की है। इससे पहले मई में भी उन्होंने विदेशी फिल्मों पर टैरिफ लगाने की बात कही थी। उनका मानना है कि विदेशी देशों द्वारा दिए गए इंसेंटिव्स के कारण अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री तेजी से मर रही है।
फिल्म प्रोडक्शन में गिरावट
अमेरिका में फिल्म प्रोडक्शन लगातार घट रहा है। 2021 से 2023 तक, फिल्म प्रोडक्शन में 26% की गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण यह है कि कई फिल्म निर्माता अपने प्रोडक्शन को विदेशों में ले जा रहे हैं, जहां उन्हें टैक्स में छूट और सरकार से विभिन्न इंसेंटिव्स मिलते हैं।
ट्रम्प ने हॉलीवुड के बारे में कई बार कहा है कि वह इसे और बेहतर बनाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मशहूर एक्टरों जैसे मेल गिब्सन, जॉन वॉइट और सिल्वेस्टर स्टैलोन को विशेष दूत भी बनाया है। लेकिन इस टैरिफ का असर सिर्फ फिल्म प्रोडक्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हॉलीवुड की सॉफ्ट पावर पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।
हॉलीवुड और सॉफ्ट पावर
हॉलीवुड, सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की सॉफ्ट पावर का सबसे बड़ा हथियार भी है। पिछले 100 सालों में हॉलीवुड की फिल्मों ने दुनिया भर में अमेरिकी संस्कृति, विचारधारा और जीवनशैली को फैलाया है। फिल्मों जैसे स्पाइडरमैन, एवेंजर्स, टाइटैनिक, गॉडफादर और हैरी पॉटर ने ना केवल एंटरटेनमेंट का मजा दिया, बल्कि अमेरिका को एक ग्लोबल पहचान भी दी है।
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2023 में, अमेरिकी फिल्मों ने दुनिया भर में 22.6 अरब डॉलर की कमाई की, जिसमें से 15.3 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस आया। लेकिन हाल के वर्षों में, हॉलीवुड को कोविड-19 महामारी, फिल्म यूनियनों की हड़ताल, और बढ़ती प्रोडक्शन लागत जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

टैरिफ का असर और चुनौती
हालांकि ट्रम्प ने विदेशी फिल्मों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, यह स्पष्ट नहीं है कि यह कैसे लागू होगा। क्या यह फिल्म की निर्माण लागत पर लागू होगा? या फिर यह फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर आधारित होगा? इसके अलावा, क्या यह सिर्फ विदेशी फिल्में ही प्रभावित होंगी, या फिर हॉलीवुड फिल्मों के प्रोडक्शन पर भी इसका असर पड़ेगा?
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इसके अलावा, दूसरे देशों द्वारा अमेरिकी फिल्मों पर भी टैरिफ लगाने का खतरा हो सकता है, जिससे हॉलीवुड की इंटरनेशनल कमाई पर असर पड़ेगा। कई फिल्म निर्माता पहले ही इस टैरिफ को गंभीर चुनौती मान रहे हैं, क्योंकि अगर यह लागू होता है, तो यह प्रोडक्शन को पूरी तरह से रोक सकता है।
