trump criticizes harvard university 2025 : “ट्रम्प बोले- हार्वर्ड के टीचर मूर्ख, यूनिवर्सिटी अब पढ़ने लायक नहीं रही!”
trump criticizes harvard university 2025 : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर हमला बोला है। ट्रम्प ने बुधवार को इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय को “मजाक” और “वोक कर्मचारियों की भर्ती” करने वाला बताया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने हार्वर्ड की 18 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग को रोकने का ऐलान किया और इसके टैक्स फ्री दर्जे को खत्म करने की बात की।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि ट्रम्प ने हार्वर्ड पर क्यों हमला बोला, उनके बयान का क्या मतलब है, और अमेरिका की शिक्षा प्रणाली में इस पूरे विवाद का क्या असर हो सकता है।
⚖️ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर ट्रम्प का हमला: वोक कर्मचारियों की भर्ती पर सवाल
डोनाल्ड ट्रम्प ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि यह अब वोक और कट्टर वामपंथी कर्मचारियों को काम पर रख रहा है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं। ट्रम्प का कहना था कि:
“हार्वर्ड अब दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी नहीं रही। यह अब नफरत और मूर्खता सिखाने का एक केंद्र बन गई है।”
उनका यह भी कहना था कि ऐसे लोगों को स्टूडेंट्स और भविष्य के नेताओं को पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है, जो पक्षपाती और कट्टर वामपंथी विचारधारा के समर्थक हैं।
📉 फंडिंग रोकने का फैसला: ट्रम्प का बड़ा कदम
ट्रम्प का यह हमला तब हुआ जब उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की फंडिंग में 18 हजार करोड़ रुपए की कटौती करने का ऐलान किया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि हार्वर्ड को अब सरकारी मदद नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि यह टैक्स फ्री दर्जे का हकदार नहीं है।
यह कदम ट्रम्प के इस मान्यतापूर्ण बयान का हिस्सा था कि सरकार का पैसा अब वोक विश्वविद्यालयों के वामपंथी विचारधारा के प्रचार में क्यों लगाया जाए?
🔥 ट्रम्प की आलोचना: न्यूयॉर्क और शिकागो के मेयर को भी घेरा
इसके साथ ही, ट्रम्प ने न्यूयॉर्क और शिकागो के डेमोक्रेटिक मेयर, बिल डी ब्लासियो और लोरी एलेन लाइटफुट की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा कि:
“यह दोनों मेयर हार्वर्ड द्वारा नियुक्त किए गए हैं और इनकी सलाहकार फीस बहुत बड़ी है। इन दोनों के फैसले ने इन शहरों को आर्थिक और सामाजिक संकट में डाल दिया है।”
ट्रम्प का मानना था कि इन मेयरों ने म्यूनिसिपल मैनेजमेंट और गवर्नेंस के लिए हार्वर्ड से जुड़कर शहरों की हालत और भी बिगाड़ दी।
🧑🏫 हार्वर्ड यूनिवर्सिटी: वोक और कट्टरपंथी शिक्षक?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर ट्रम्प का सबसे बड़ा आरोप यह था कि यह अब वोक और कट्टर वामपंथी विचारधारा वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना था:
“अब हार्वर्ड में वही लोग पढ़ा रहे हैं, जो सिर्फ नाकामी सिखाते हैं।”
ट्रम्प का यह आरोप हार्वर्ड के शिक्षण और शिक्षा पद्धति पर सीधा हमला था। उन्होंने यह भी कहा कि इस विश्वविद्यालय को अब शिक्षा का केंद्र नहीं माना जा सकता क्योंकि यह विचारधारा के प्रभाव में आ चुका है।
📅 क्या इस विवाद का असर शिक्षा प्रणाली पर पड़ेगा?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था पर ट्रम्प का यह हमला शिक्षा जगत में एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है। उनके आरोपों से यह सवाल उठता है कि क्या वोक संस्कृति और कट्टरपंथी विचारधारा का प्रभाव शैक्षिक संस्थानों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर पड़ रहा है।
ट्रम्प के कदम से यह भी स्पष्ट होता है कि वह शैक्षिक संस्थाओं के वित्तीय स्रोतों पर राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नियंत्रण चाहते हैं, जो एक विवादास्पद विचार हो सकता है।
🚀 ट्रम्प का बयान और उसकी परिधि
ट्रम्प का हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर हमला और फंडिंग में कटौती एक राजनीतिक बयान से अधिक है। यह शिक्षा, संस्कृति और सरकार के वित्तीय नियंत्रण के बीच संवेदनशील विवाद को दर्शाता है। ट्रम्प का यह कहना कि हार्वर्ड अब शिक्षा का केंद्र नहीं रहा, वह शायद यह संदेश देना चाहते हैं कि विश्वविद्यालयों को राष्ट्रवादी विचारधाराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए, न कि कट्टर वामपंथी विचारधाराओं के प्रति।
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