ट्रम्प ने कहा डॉलर राजा है, डॉलर को चुनौती देना महंगा पड़ेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भारत समेत BRICS देशों पर 1 अगस्त से 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उनका आरोप है कि BRICS समूह अमेरिकी डॉलर की ताकत को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और इसलिए इन देशों पर टैरिफ लगाना जरूरी है। ट्रम्प ने साफ कहा कि डॉलर राजा है और इसे चुनौती देने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ट्रम्प ने कहा BRICS को नहीं मिलेगी छूट
ट्रम्प ने कहा कि भारत BRICS का सदस्य है और इसलिए उसे भी इस टैरिफ से छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने BRICS को अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने वाला ग्रुप बताया और इसे स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि जो भी BRICS देशों में हैं, उन्हें 10% टैरिफ देना होगा ताकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और डॉलर की ताकत बनी रहे।

ट्रम्प ने कहा, “डॉलर राजा है और हम इसे ऐसे ही बनाए रखेंगे। अगर कोई इसे चुनौती देना चाहता है तो कर सकता है, लेकिन उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी। मुझे नहीं लगता कि कोई इस कीमत को चुकाने को तैयार होगा।”
भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावना
ट्रम्प ने भारत के साथ व्यापार समझौते की भी बात की है। उनका दावा है कि यह समझौता इस महीने या उनकी भारत यात्रा के दौरान हो सकता है। इस समझौते के तहत दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। हालांकि इसमें कृषि और डेयरी जैसे कुछ सेक्टर शामिल नहीं होंगे।
अमेरिका अपने कृषि उत्पादों, मेडिकल उपकरणों और औद्योगिक वस्तुओं पर कम टैरिफ चाहता है, जबकि भारत टेक्सटाइल निर्यात में बेहतर अवसर चाहता है।
ट्रम्प ने पिछली सरकारों पर किया तंज
ट्रम्प ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में महंगाई कम थी और तब सैकड़ों अरब डॉलर के टैरिफ लगाए गए थे। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका का नुकसान किया। ट्रम्प ने कहा कि यदि अमेरिका के पास पिछली बार जैसा कमजोर नेतृत्व होता तो डॉलर की स्थिति खराब हो जाती और यह देश के लिए बड़ा नुकसान होता।

1 अगस्त की डेडलाइन पर ट्रम्प का बयान
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि 1 अगस्त से टैरिफ लागू होंगे और इसमें कोई छूट या बदलाव नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि कोई देश बातचीत करना चाहता है तो उसे मौका दिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या 1 अगस्त की डेडलाइन पूरी तरह फिक्स है तो ट्रम्प ने कहा कि यह लगभग निश्चित है, लेकिन बातचीत की गुंजाइश बनी रहेगी।
Read More :- समय से पहले लोन चुकाने पर नहीं लगेगा चार्ज: RBI का बड़ा फैसला 2026 से लागू
