True or Fake Relationship: प्यार एक बेहद खूबसूरत एहसास है, जो इंसान की जिन्दगी में खुशियां, आत्मविश्वास और एक नया मकसद लेकर आता है। जब कोई अच्छा पार्टनर साथ हो, तो जिंदगी की मुश्किलें भी आसान लगने लगती हैं। लेकिन कई बार लोग रिश्तों के नाम पर ऐसे इंसानों के साथ जुड़ जाते हैं, जिनकी वजह से उनका मानसिक और भावनात्मक शोषण होता है। यह इतना खतरनाक होता है कि अक्सर लोगों को पता ही नहीं चलता कि वो प्यार में हैं या किसी के जाल में फंसे हुए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रिश्ते तभी सफल होते हैं जब दोनों पार्टनर एक-दूसरे की इज्जत करें, भरोसा करें और एक-दूसरे की खुशियों को महत्व दें। लेकिन जब रिश्ता तनाव, कंट्रोलिंग बिहेवियर और लगातार मानसिक दबाव में बदल जाए, तो समझ लें कि यह प्यार नहीं, बल्कि एक टॉक्सिक रिलेशनशिप है। आइए जानते हैं ऐसे ही पांच बड़े संकेतों के बारे में, जिनसे आप पहचान सकते हैं कि आपका रिश्ता सही दिशा में जा रहा है या फिर आप किसी के शिकंजे में फंस चुके हैं।
आपकी बातों को नजरअंदाज किया जाना….
रिश्ते की बुनियाद होती है आपसी अंडरस्टैडिंग से होती है। अगर आपका पार्टनर आपकी बातें सुनने में दिलचस्पी नहीं दिखाता, आपको बीच में ही टोकता है या फिर आपकी समस्याओं को हल्के में लेता है, तो यह एक रेड सिग्नल है। ऐसा व्यवहार इस बात का संकेत है कि आपके जज्बात और आपकी जरूरतें उस इंसान के लिए मायने नहीं रखतीं।

कई बार लोग सोचते हैं कि शायद सामने वाला व्यस्त है या मूड खराब है, लेकिन अगर यह व्यवहार लगातार हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। प्यार में दोनों पार्टनर को एक-दूसरे की बातों को महत्व देना चाहिए।
हर बात पर शक करना और ताने मारना…
हर रिश्ते की नींव भरोसे पर टिकी होती है। अगर आपका पार्टनर हर छोटी बात पर आप पर शक करता है, फोन चेक करता है, सोशल मीडिया पर नजर रखता है या ताने मारता है, तो ये रिश्ते के लिए बेहद नुकसानदायक है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि शक धीरे-धीरे रिश्ते को खत्म कर देता है। एक स्वस्थ रिश्ते में कोई भी इंसान दूसरे के पर्सल स्पेस का सम्मान करता है। अगर आपका पार्टनर आप पर विश्वास करने के बजाय आरोप लगाता है, तो यह टॉक्सिक रिलेशनशिप की निशानी है। ऐसे में बात करके समस्या सुलझाने की कोशिश करें, लेकिन अगर सुधार न हो, तो दूरी बना लेना ही बेहतर है।

बार-बार खुद को साबित करना पड़े…
रिश्ते में दोनों इंसानों की अपनी-अपनी अहमियत होती है। लेकिन अगर आपको बार-बार यह साबित करना पड़े कि आप इस रिश्ते के लायक हैं, तो यह चिंता का विषय है। कई बार लोग ऐसे पार्टनर के साथ होते हैं जो उन्हें लगातार यह एहसास दिलाते रहते हैं कि वे उनसे कम हैं, या उनके बिना रिश्ता चल ही नहीं सकता। या हर बात पर आपको नीचा दिखाते है।
यह मानसिक उत्पीड़न का ही एक रूप है। याद रखें, सच्चे प्यार में कभी भी आपको अपने अस्तित्व या अपनी वैल्यू को साबित करने की जरूरत नहीं होती।

आपकी हर चीज पर कंट्रोल करें..
प्यार में आजादी और इज्जत सबसे ज़रूरी होती है। लेकिन अगर आपका पार्टनर आपकी ज़िंदगी के हर हिस्से को कंट्रोल करने की कोशिश करता है—जैसे आप क्या पहनें, किससे मिलें, कहां जाएं, कौन-सी नौकरी करें—तो यह सीधा अलार्म है कि आप एक कंट्रोलिंग रिलेशनशिप में हैं।
विशेषज्ञ इसे इमोशनल अब्यूज (Emotional Abuse) मानते हैं। रिश्ते में अपने विचार, पसंद और फैसले रखने का हक़ हर इंसान को है। अगर कोई पार्टनर इसे छीनने की कोशिश करे, तो समझ लें कि ये प्यार नहीं, बल्कि पजेसिवनेस और कंट्रोल का जाल है।
इमोशनल ब्लैकमेल करें..
अगर आपका पार्टनर बार-बार रोने-धोने, गुस्सा करने, खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर अपनी बात मनवाता है, तो यह सीधा इमोशनल ब्लैकमेल है। ऐसा इंसान अपनी हर गलती को छुपाने के लिए आपको गिल्टी फील कराता है। यह रिश्ता आपको भावनात्मक रूप से कमजोर कर सकता है।
दोस्तों और परिवार से दूर करने की कोशिश करें…
अगर आपका पार्टनर चाहता है कि आप अपने दोस्तों और परिवार से कम मिलें, बात न करें या रिश्ते तोड़ दें, तो यह एक बहुत बड़ा रेड सिग्नल है। ऐसा पार्टनर चाहता है कि आप सिर्फ उस पर निर्भर रहें। यह कंट्रोलिंग और पजेसिव बिहेवियर का हिस्सा है, जिससे आपको सावधान रहना चाहिए।
क्योकि जो आपका सच्चा साथी होगा, वो आपको अपनी फैमिली से जोड़ने और उनके साथ खड़े रहने की सलाह देगा।
खुद को बदलने का दबाव महसूस हो…
रिश्ते में थोड़ी-बहुत एडजस्टमेंट जरूरी होती है। लेकिन अगर आपको बार-बार ऐसा महसूस होता है कि आप जैसे हैं, वैसे ही ठीक नहीं, और आपको अपने स्वभाव, कपड़े, दोस्त, काम या आदतें बदलनी पड़ रही हैं, तो यह सही नहीं है। प्यार में इंसान को उसकी असलियत के साथ स्वीकार किया जाता है।

किसी भी बहस के बाद माफी न मांगना…
कोई भी परफेक्ट नहीं होता, रिश्तों में गलती होना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपका पार्टनर अपनी गलती मानने या माफी मांगने के बजाय आपको ही दोषी ठहराता है, तो यह रिश्ते में जहरीलेपन का संकेत है। सच्चा प्यार वही है जहां लोग अपनी गलती समझते हैं और उसे सुधारने की कोशिश करते हैं।
