GRAP-4 लागू
दिल्ली मे बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और गले में खराब जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं प्रदूषण का ज्यादा असर बुजुर्गों और बच्चों पर ज्यादा देखने को मिल रहा है।अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ रही है और डॉक्टर लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलें। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 लागू कर दिया है।

Toxic Delhi Air: क्या होता है GRAP?
GRAP का मतलब होता है ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान..इसका अलग-अलग फेज लागू किया जाता है। इसके लागू होने पर डीजल ट्रकों और कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री पूरी तरह से बंद हो जाती है, निर्माण-ध्वस्तीकरण कार्य पूरी तरह बंद, सरकारी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू करने की सिफारिश, सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने की मजबूरी हो जाती है। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को पूरी तरह बंद करने के आदेश दे दिए जाते है।
प्रदूषण का कारण
लेकिन ये काफी नहीं है दिल्ली- NCR की हवा इतनी जहरीली हो गई है की अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो लोगों की जान को खतरा हो सकता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे पड़ोसी शहरो में भी स्थिती गंभीर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने पर कार्रवाई करने पर विचार करने को कहा है। प्रदूषण का मुख्य कारण, ट्राफिक, निर्माण कार्य और पराली का धूंआ है।

Toxic Delhi Air: सरकार के वादें झूठे
दिल्ली में सरकार बनी तो उस वक्त यमूना साफ करने और दिल्ली वासियों को अच्छी हवा देने के वादे किए गए थे लेकिन सारे वादे धरे के धरे रह गए। दिल्ली का AQI दिन में लगभग 50 सिगरेट पीने के बराबर है..बड़ा सवाल है कि क्या GRAP-4 लगाने से हालात सुधरेंगे या फिर और बिगड़ जाएंगे।
