Reporter- शशांक सोनकपुरिया
ख़बर का बड़ा असर
ख़बर चलते ही हरकत में आया प्रशासन की अवैध उत्खनन माफिया पर कार्यवाही, मौके से 2 डंपर सहित 1 जेसीबी पोकलेन मशीन की बनाई जब्ती,खुदाई के मापदंड बाद तय होगा जुर्माना, कलेक्टर एसडीएम के निर्देश पर खनिज अधिकारी ने मौके पर भेजी थी टीम,नही दी थी विभाग ने कोई अनुमति,बिना अनुमति निकाल रहा था मुरम होशंगाबाद का खनन माफिया
मध्यप्रदेश के बैतूल में फिर जिला कलेक्टर और एसडीएम के निर्देश पर होशंगाबाद के खनन माफिया पर हुई कार्यवाही खबर को प्रमुखता से उठाया गया था हमारे संवाददाता द्वारा इस मामले में खबर चलते ही कलेक्टर एसडीएम ने तत्काल संज्ञान में लेकर खनिज अधिकारी को कार्यवाही के दिये थे निर्देश मौके पर पहुँचे खनिज विभाग के इंस्पेक्टर ने मौके का पंचनामा बनाकर दो डंपर और एक जेसीबी पोकलेन मशीन की जप्ती बनाई गई और बिना अनुमति मुरम का अवैध उत्खनन होना पाया गया जिसके बाद विभाग की टीम द्वारा कार्यवाही की गई
क्या है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला बैतूल से लगे ग्राम पंचायत खेड़ला के ग्राम रावनवाड़ी से सामने आया था जहाँ होशंगाबाद का खनिज माफिया सक्रिय होकर रेलवे लाइन के काम मे मुरम का ठेका लेकर ग्राम पंचायत खेड़ला के ग्राम रावनवाड़ी से बिना अनुमति के मुरम का उत्खनन कर रहा था मौके पर हमने पहुँचकर जानकारी निकाली तो सरपंच का कहना था कि किसी ने उनसे मौखिक कहा था कि ग्रामपंचायत क्षेत्र से मुरम निकालने जा रहे है तब सरपंच ने अनुमति लाने की बात कही थी कि खनिज विभाग की अनुमति और ग्रामपंचायत में पारित प्रस्ताव के बाद ही उत्खनन करने का कार्य किया जाये उस पर ठेकेदार अपनी मनमानी के चलते बिना अनुमति ही जेसीबी पोकलेन की मदद से मुरम निकालने का कार्य शुरू कर दिया था इससे ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर अत्यधिक क्षमता वाले डंपर धड़ल्ले से निकल रहे थे जबकि ग्राम में बच्चे भी सड़को पर खेलते है और इस तरह बेकाबू रफ्तार डंपरों की चपेट में आने से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने से इंकार नही किया जा सकता है वहीं हर ग्राम में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत जो सड़के तैयार की गई है उसे पर भारी भरकम डंपर निकलने से सड़क की हालत खस्ता होते जा रही है। वहीं ठेकेदार के मैनेजर द्वारा ग्राम पंचायत से अनुमति होने की बात भी बार बार मीडिया से कही थी वहीं खनिज विभाग की अनुमति होना पूछने पर अनुमति है ऐसा बताया गया था पर जब इस मामले में कार्यवाही के बाद खनिज अधिकारी से पूछा गया तो कोई अनुमति नही दी जाना विभाग द्वारा बताया गया ।
