Using Phone in Toilet: आजकल स्मार्टफोन हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। घंटो रील्स देखना, सोशल मीडिया स्क्राल करना, पूरे दिन ऑनलाइन रहने की आदत हो चुकी है, और कई लोग तो मोबाइल को टॉयलेट में तक लेकर चले जाते हैं, और काफी ज्यादा टाइम मोइबल की वजह से टॉयलेट सीट पर बैठे रहते हैं। यह कई लोगों की आदत बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी आदत आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकती है?
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एक्सपर्ट्स के अनुसार, टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल हेमोरॉयड्स यानि की बवासीर/पाइल्स के खतरे को 40 % तक बढ़ा सकता है।
टॉयलेट में फोन से बढ़ सकता है बवासीर का खतरा…
एक नए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग शौचालय में बैठे-बैठे लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बवासीर होने का खतरा 46 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। लंबे समय तक सीट पर बैठने से मलाशय के निचले हिस्से पर दबाव पड़ता है, जिससे नसों में सूजन हो सकती है और यह हेमोरॉयड्स का मुख्य कारण बनता है।
चाहे आपका डाइट और वजन सामान्य हो, लेकिन टॉयलेट में फोन चलाने की आदत फिर भी इस रोग का जोखिम बढ़ा सकती है।

अध्ययन के तथ्य…
सूत्रो के अनुसार, बोस्टन स्थित बेथ इजराइल डीकोनेस मेडिकल सेंटर की वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट त्रिशा सत्या पासरिचा ने कहा,
“हम अभी भी उन समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं जो स्मार्टफोन और आधुनिक जीवनशैली के कारण उत्पन्न हो रही हैं।”
इस शोध के लिए 125 वयस्कों की टॉयलेट से जुड़ी आदतों की जांच की गई। लगभग दो-तिहाई प्रतिभागियों ने बताया कि वे शौचालय में बैठे-बैठे लगातार अपने स्मार्टफोन पर स्क्रॉल करते रहते हैं। एक्सपर्ट्स ने पाया कि ऐसे लोग जिनका फोन इस्तेमाल लंबे समय तक चलता है, उनमें हेमोरॉयड्स का खतरा अधिक देखा गया।
फोन इस्तेमाल और संक्रमण का खतरा…
सिर्फ हेमोरॉयड्स ही नहीं, बल्कि फोन पर मौजूद बैक्टीरिया भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। टॉयलेट में बैठे-बैठे फोन चलाने की आदत के कारण लोग औसतन 10 मिनट तक ज्यादा समय सीट पर बिताते हैं।
अध्ययन में पाया गया कि टॉयलेट के दरवाजे के हैंडल की तुलना में फोन पर 10 गुना ज्यादा बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। ऐसे बैक्टीरिया शरीर के संवेदनशील हिस्सों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
अस्त -व्यस्त जीवनशौली और खराब खान-पान…
डॉक्टर्स के अनुसार, अस्त -व्यस्त जीवनशौली और खराब डाइट इस खतरे को और बढ़ा देते हैं। कम पानी पीना, जंक फूड का अधिक सेवन और लंबे समय तक टॉयलेट में बैठे रहना मिलकर इस तरह की बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
संक्रामक रोगों का खतरा…
टॉयलेट की सीट, बाल्टी-मग और अन्य सामान पर लाखों वायरस और बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। जब आप इन सतहों के संपर्क में आते हैं और फिर फोन को छूते हैं, तो बैक्टीरिया फोन पर चिपक जाते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि ई.कोलाई और अन्य माइक्रोबियल स्मार्टफोन स्क्रीन पर भी मौजूद हो सकते हैं। ब्रिटेन के अध्ययन में यह भी साबित हुआ कि औसत स्मार्टफोन स्क्रीन पर टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं।

एक्सपर्ट्स की सलाह…
1. टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल कम करें।
2. लंबे समय तक सीट पर न बैठें।
3. शौचालय के बाद हमेशा हाथ धोएं।
4. पानी की पर्याप्त मात्रा लें और फाइबर युक्त डाइट अपनाएं।
5. यदि किसी को कब्ज या बवासीर के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल सिर्फ समय बिताने का साधन नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है। इसलिए अगली बार जब आप फोन लेकर शौचालय जाएं, तो सावधानी बरतें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।
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