Tips For Happy Holi: आज देश भर में होली का त्योहार मनाया जा रहा है। बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारियों और मिठाइयों की धूम मची हुई है। लेकिन होली खेलते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।
दरअसल बाजार में मिलने वाले अधिकतर रंगों में केमिकल्स और टॉक्सिक सब्सटेंस होते हैं। ये रंग बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए नुकसानदायक हैं। इसलिए सुरक्षित और आनंददायक होली मनाने के केमिकल वाले रंगों से बचना जरूरी है।

सावधानियां बरतना जरुरी
आज पूरे देश में होली का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग सुबह से ही रंगों और गुलाल के साथ होली खेलने में व्यस्त हैं। बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है। हालांकि होली की मस्ती में सुरक्षा और सावधानियां बरतना भी जरूरी है।
बाजार वाले रंग हो सकतें हैं नुकसानदायक
बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंगों में कॉपर सल्फेट, एल्युमिनियम ब्रोमाइड, लेड ऑक्साइड जैसी खतरनाक चीजें मिली हो सकती हैं। इनका इस्तेमाल रंगीन पाउडर बनाने में किया जाता है। ये केमिकल वाले रंग हमारी सेहत के लिए कितने नुकसानदायक हैं।

पार्टी में बाहर की मिठाई खाने से बचें
होली के त्योहार के समय मार्केट में मिलावटी मिठाईयां ज्यादा बनती है। प्योर नहीं होती। कई जगह तो पहले से मिठाईयां बनाकर स्टोर की जाती हैं। तो इसके सेवन से स्वास्थ खराब होने का चांस ज्यादा होता है। इसलिए त्योहार के समय बाहर की मिठाई खाने से बचें।

होली के पटाखों से बचें
हाल के वर्षों में होली के पटाखे भी बाजार में आ गए हैं। ये पटाखे न केवल शोर और प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि त्वचा और आंखों के लिए भी खतरनाक हैं। पटाखों से निकलने वाले धुएं से अस्थमा और एलर्जी के मामले बढ़ सकते हैं। यह केमिकल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं इससे गंभीर से गंभीर कैंसर जैसी बीमारियां तक हो सकती हैं। इसके अलावा, तेज आवाज से कानों पर भी असर पड़ सकता है।
रंगों से हो जलन तो ये लगाएं
त्वचा पर जलन हो तो ठंडे पानी से धोएं और मॉइस्चराइजर लगाएं। आंखों में रंग चला जाए, तो तुरंत साफ पानी से धोएं और ज्यादा जलन हो तो डॉक्टर से मिलें। सांस लेने में दिक्कत हो तो खुली हवा में जाएं और जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
