TI Darshan Shukla news: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपराधियों के साथ गलबहियां और जन्मदिन मनाने वाले मुरैना जिले के जौरा थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीएम डॉ. यादव ने शुक्ला के वायरल वीडियो पर नाराजगी जताई। इस निलंबन के साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कर्तव्य में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला का वीडियो वायरल

गौरतलब है कि मुरैना के जौरा थाना प्रभारी ने ऐसा जन्मदिन मनाया की सुर्खियों में आ गए। थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें वे अपराधियों के साथ जन्मदिन मनाते नजर आए। इतना ही नहीं उनके साथ जमकर नाचे भी। और चोर के कंधे पर बैठे दिखाई दिए। इस वीडियो में दिख रहा है कि शुक्ला बाइक चोर गिरोह के कथित सरगना लवकुश शर्मा के कंधे पर बैठे हुए हैं। यह वीडियो उस वक्त बनाया गया, जब टीआई शुक्ला शर्मा और अन्य साथियों के साथ थाना परिसर में ही जन्मदिन मना रहे थे। इस दौरान केक काटा गया और ढोल-नगाड़े भी बजाए गए।
TI Darshan Shukla news: सीएम के निर्देश पर आदेश पर जारी
इस वायरल वीडियो के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासन को कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। उनके निर्देश जारी होते ही मुरैना एसपी कार्यालय ने आदेश जारी किया। इसमें लिखा है कि ‘कतिपय मीडिया सूत्रों के माध्यम से यह संज्ञान में आया है कि दिनांक 28 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी जौरा निरीक्षक दर्शन शुक्ला अपने जन्मदिन की पार्टी के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले एक व्यक्ति लवकुश शर्मा के साथ उपस्थित थे। मीडिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अपराधी लवकुश शर्मा पर थाना कोतवाली क्षेत्रातर्गत मोटरसायकल चोरी एवं थाना जौरा क्षेत्रातंर्गत शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने संबंधी अपराध पंजीबद्ध है’
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक
TI Darshan Shukla news: थाना प्रभारी जौरा निरीक्षक दर्शन शुक्ला के उक्त आचरण से पुलिस की निष्पक्ष छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उनका यह आचरण मप्र पुलिस रैग्युलेशन के पैरा 64(3) (11) स्पष्ट उल्लंघन है। अतः उक्तानुसार प्रदर्शित आचरण के लिए दर्शन शुक्ला, थाना प्रभारी जौरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केन्द्र, मुरैना रहेगा तथा वह रक्षित केन्द्र मुरैना की प्रत्येक गणना में उपस्थित रहेंगे और लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेगे। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
