रतन टाटा ने बुधवार की देर रात 86 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. उनके निधन से पूरा देश शोक में है. पूरा खेल जगत उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना कर रहा है और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है. साथ उनके महान कामों के लिए उन्हें याद कर रहा है. आमतौर पर रतन टाटा को भारत में उद्योग के विकास के लिए जाना जाता है. लेकिन उन्हें क्रिकेट से भी काफी प्यार था. उन्होंने भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में बहुत अहम योगदान दिया है. रतन टाटा ने क्रिकेटर्स को तैयार करने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से मजूबत किया और हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई. इसका नतीजा रहा कि युवराज सिंह जैसे कई क्रिकेटर्स देश को मिले, जिन्होंने भारत को वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दिलाई.
इन दिग्गजों ने जिताया वर्ल्ड कप
भारत जैसे देश में कई क्रिकेटर्स को आगे बढ़ने में पैसा और इंफ्रास्टक्चर एक बड़ा समस्या बनता है. इसलिए रतन टाटा के रहते हुए टाटा ग्रुप की कई कंपनियों ने भारतीय क्रिकेटर्स को आर्थिक रूप से मजबूत किया. उन्हें सपोर्ट करने के लिए नौकर दी और उनके करियर आगे बढ़ाने का माध्यम बनीं. इस वजह से देश को कई ऐसे क्रिकेटर्स मिले, जिन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर अपने टैलेंट का परिचय दिया और साथ ही भारत का नाम रोशन किया. इसके अलावा उन्होंने देश को वर्ल्ड कप जीतने में भी मदद की.
इसका सबसे पहला और बड़ा उदाहरण मोहिंदर अमरनाथ हैं, जो 1983 की वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा थे. साथ ही वह इस टीम के उप कप्तान भी थे. टाटा ग्रुप की एयर इंडिया उन्हें सपोर्ट करती थी. वहीं फारुख इंजीनियर टाटा मोटर्स और रूसी सुरती इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के लिए खेलते थे.
