These Habits Cause ear Problems: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पसा टाइम नहीं होता की बार – बार मोबाइल निकालकर बात करें इसलिए कई लोग सारा दिन ईयरफोन, ईयरबर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं। इससे हमारे कान डैमेज हो सकते हैं। कान में शोर, तेज आवाज , स्पीकर पर गाने सुनना, कान में क्यू-टिप डालना जैसी चीजें कान को डैमेज कर सकती हैं। लेकिन इनके अलावा भी कई चीजें हैं जिसकी वजह से आपके कान डमैज हो सकते हैं।
कान की तकलीफ नींद की कमी, सेकंड हैंड स्मोक, पोषण में कमी जैसी समस्याओं से बढ़ सकती है।

इलेक्ट्रिक इक्यूपमेंट के अलावा इन चीजों से होती है कान में समस्या
तनाव या टेंशन की वजह
जब आपको किसी बात की टेंशन होती है, तो सिर दर्द, गर्दन दर्द जैसी समस्याएं आती हैं। कुछ लोगों के तो फेस और आंखों में भी दर्द होता है। इसकी वजह से कान पर भी असर पड़ता है। ज्यादा समय तक तनाव में रहने से ऑडिटरी सिग्नल्स, नर्व्स, इनर इन्फ्लेमेशन और हीलिंग प्रोसेस पर बुरा असर पड़ता है, जिससे कान के पर्दे को नुकसान होता है। सुनने की क्षमता में कमी आती है।
नहाते समय कई बार कान में पानी भर जाता है। खासकर जब हम स्विमिंग पूल या तलाब में नहाते हैं। तब जरुर कान में पानी रह जाता है। कई बार लोग खुद कान धुलने के चक्कर में पानी डालते हैं, जिसकी वजह से अक्सर आउटर कैनाल एरिया में पानी फंसकर रह जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके कारण पर्दे को प्रोटेक्ट करने वाला मैल गल जाता है और स्किन भी प्रभावित हो जाती है। इसकी वजह से बैक्टीरिया और फंगस पनपने की संभावना बढ़ जाती है, जिसकी वजह से इंफेक्शन हो सकता है।
पोषण की कमी कान कर सकती है खराब
पोषण की कमी से भी कान में दिक्कत होती है, जब अनहेल्दी फूड का सेवन करते है। तो इससे सुनने की क्षमता में कमी हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्, फैट, कोलेस्ट्रॉल, लो प्रोटीन, लो विटामिन वाली डाइट का सुनने की क्षमता पर सीधा और नकारात्मक असर पड़ता है।
नींद की कमी
विशेषज्ञो के अनुसार, पर्याप्त नींद नहीं लेने से कॉक्लियर के अंदर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो जाता है, जिसकी वजह से ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे हेयर सेल डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है। इसकी वजह से कान के अंदर के हिस्से में इलेक्ट्रोलआइट्स के बैलेंस और फ्लुइड फ्लो को भी बिगाड़ दिया था। इसकी वजह से कान में दिक्कत हो सकती है।
धूम्रपान और निकोटीन
यह रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है, जिससे कानों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त नहीं पहुंच पाता, जो कान के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे सुनने की क्षमता कम हो सकती है।
