
सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के मौके पर आरटीओ ऑफिस के से लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान सीएम यादव खुद ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए.
किसान पोर्टल और मोबाइल एप किया लॉंच
कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने ई-विकास पोर्टल, एग्री स्टैक वितरण प्रणाली और खाद आपूर्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसान पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से खाद की आसान बुकिंग और सीधे डिलीवरी की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे. इससे किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
जो कहा करके दिखाया-सीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने “भगवान किसान बलराम की जय के जायके लगवाए। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रकृति के साथ जीवन जीने की परंपरा केवल भारत में है। किसान कल्याण वर्ष को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े 16 मंत्रालयों को एक साथ जोड़ा है, ताकि गांवों में किसानों की आय बढ़ाई जा सके.
कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश नदियों का मायका है और नर्मदा पर बांध बनाकर पूरे मध्यप्रदेश को हरा-भरा किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बांध निर्माण में भी कांग्रेस ने कंजूसी की, जबकि हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी।
प्रदेश में फूड पार्क विकसित होंगे-सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के लिए यह केवल एक दिन का कार्यक्रम या कर्मकांड नहीं, बल्कि पूरा वर्ष 16 विभागों के माध्यम से काम करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज जल्दी खराब होने की समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश में फूड पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके। सरकार किसानों को सब्सिडी देकर इन उद्योगों में भागीदार भी बनाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 5 हॉर्सपावर के बिजली कनेक्शन के लिए किसानों को 7,500 रुपए जमा करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराएगी, जिससे उन्हें मुफ्त बिजली मिलेगी। उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष से आह्वान किया कि वे किसानों को संगठित कर इस योजना का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
यह इतिहास की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली-सीएम
सीएम यादव ने कहा कि यह इतिहास की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली है, जो किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में चना और सरसों की खेती पर विशेष शोध किया जाएगा और खाद की मारामारी की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त किया जाएगा. खेती का रकबा बढ़ने से खाद की मांग भी बढ़ी है, जिसे देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
