देवनारायण मंदिर पर भव्य भजन संध्या व महा आरती भानपुरा तहसील के गांव बाबुल्दा में श्री देवनारायण मंदिर पर श्री देवनारायण जी का जन्म उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया जहां पर भक्तों के द्वारा विशाल प्रसाद का प्रोग्राम रखा गया माही भजन संध्या का भी इसमें प्रोग्राम रखा गया जिसमें बालचंद शर्मा की पूरी टीम ने करीब चार घंटे तक भजनों का आनंद कराया उसके बाद रात 12:00 बजे महा आरती हुई जहां देवनारायण के भोपा जी के द्वारा पवन आने पर बताया गया कि अभी बारिश से 8 से 10 दिन और रहेगी वहीं उनके द्वारा किसानों के ऊपर संकट की बात भी कहीं
ग्रामीणों को मिला जवाब
जब ग्रामीणों के द्वारा पूछा गया कि यह साल कैसा रहेगा किसने की फसलों के लिए तो उन्होंने बताया कि यह मेरी भविष्यवाणी है धनिए और चने में संकट रहेगा बाकी फैसले ठीक रहेगी वही जब इल्ली की बात की गई तो उन्होंने बताया कि आप माताजी का स्नान जल ले जाकर अपने खेतों में डालें जिससे इल्ली का प्रकोप कम रहेगा वही जब हमारे द्वारा गांव के बुजुर्ग लोगों से पूछा गया कि यह मंदिर कितना पुराना होगा तो गांव वालों ने बताया कि यह मंदिर राम मंदिर और लक्ष्मी नाथ मंदिर के निर्माण की समय इसकी नीव डाली थी करीब 100 साल से भी ज्यादा हमारा अनुमान है लेकिन हमने इस विषय में भोपाजी अमलाल जी से पूछा तो उन्होंने यह मंदिर पहले एक चबूतरे पर था करीब डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा पुराना बताया जा रहा है
देवनारायण महाराज की छठ का महत्व
देवनारायण महाराज की भादवा सुदी छठ एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो भगवान देवनारायण की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से राजस्थान और मध्य प्रदेश में मनाया जाता है, जहां भगवान देवनारायण को एक महत्वपूर्ण देवता के रूप में पूजा जाता है।देवनारायण महाराज की छठ का महत्व यह है कि यह त्योहार भगवान देवनारायण की कृपा और आशीर्वाद के लिए मनाया जाता है। भगवान देवनारायण को एक ऐसे देवता के रूप में पूजा जाता है जो अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें सुख और समृद्धि प्रदान करते हैं।इस त्योहार पर, भक्त भगवान देवनारायण की पूजा करते हैं और उन्हें भोग लगाते हैं। इसके अलावा, भक्त इस त्योहार पर व्रत भी रखते हैं और भगवान देवनारायण की कृपा के लिए प्रार्थना करते हैं आयोजन समिति सत्यनारायण तुलसीराम गिरिराज दिलीप बाबूलाल राजाराम जगदीश गणेश औ श्यामलाल चंदू वासुदेव ईश्वर लाल जी वह सभी गांव वासी
