थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 1000 साल पुराना मंदिर विवाद, UN से युद्ध रोकने की मांग!

बैंकॉक, 26 जुलाई 2025 – थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष में अब तक 30 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें सैनिकों के साथ-साथ नागरिक भी शामिल हैं। यह संघर्ष प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम जैसे प्राचीन शिव मंदिरों को लेकर छिड़ा है, जिनकी 1000 साल पुरानी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वता है।
कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में 13 कंबोडियाई नागरिक और सैनिक मारे गए हैं, और 71 लोग घायल हुए हैं। वहीं, थाईलैंड ने भी 20 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें 14 नागरिक और 6 सैनिक शामिल हैं।
कंबोडिया का ग्रैड मिसाइल हमला और थाईलैंड का मार्शल लॉ
कंबोडिया ने ग्रैड मिसाइलों से थाईलैंड के सीमा क्षेत्रों में हमला किया, जिसके जवाब में थाईलैंड ने 8 जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है। दोनों देशों के बीच यह संघर्ष तीसरे दिन भी जारी है।

कंबोडिया की UN से युद्ध रोकने की अपील
इस बीच, कंबोडिया ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से युद्ध रोकने की मांग की है। शुक्रवार को कंबोडिया के राजदूत ने UN सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा,
“हम शांति चाहते हैं और यह विवाद बातचीत के माध्यम से हल होना चाहिए।”
थाईलैंड ने भी कंबोडिया से बातचीत की इच्छा जताई है और मलेशिया की मदद से इस संघर्ष का समाधान ढूंढने की बात की है।
भारत ने एडवाइजरी जारी की
इस संघर्ष को देखते हुए भारत सरकार ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे थाईलैंड और कंबोडिया सीमा के पास के 7 राज्यों में यात्रा करने से बचें। ये राज्य हैं: उबोन रत्चथानी, सुरिन, सिसाकेट, बुरीराम, सा काओ, चंथाबुरी और ट्राट।
मंदिर विवाद: इतिहास और वर्तमान
थाईलैंड और कंबोडिया का यह संघर्ष प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम मंदिरों के आसपास की भूमि पर अधिकार को लेकर कई दशकों से चला आ रहा है। यह विवाद खमेर साम्राज्य और सियाम साम्राज्य के इतिहास से जुड़ा हुआ है।
कंबोडिया में 1907 में फ्रांस के उपनिवेशीकरण के दौरान सीमा विवाद शुरू हुआ, जब प्रीह विहियर मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा दिखाया गया और ता मुएन थॉम मंदिर को थाईलैंड का। यह विवाद बाद में कानूनी और राजनीतिक मुद्दा बन गया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बना रहा।
क्या होगा आगे?
इस संकट के दौरान UN का介ल важные переговоры करने में मदद कर सकता है। थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं ने शांति की अपील की है, लेकिन विवाद का समाधान तब तक संभव नहीं है जब तक दोनों पक्ष एक दूसरे के अधिकारों को मान्यता न दें।
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच इस मंदिर विवाद ने एक संघर्ष का रूप लिया है, जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति की उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन आगे क्या होगा, यह समय ही बताएगा। इस बीच, भारतीय नागरिकों के लिए सरकार ने सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि संघर्ष के चलते यात्रा पर असर पड़ सकता है।

