तेजस मार्क 1ए, 97 नए जेट खरीदने का 67,000 करोड़ का डील

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) को जल्द ही तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की पहली खेप मिलने वाली है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने शनिवार को बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) सितंबर में 2 तेजस मार्क 1ए विमान वायुसेना को सौंप सकता है। यह एडवांस वर्जन है, जिसमें अपग्रेडेड एवियॉनिक्स, रडार सिस्टम, और वेपन्स इंटीग्रेशन किया गया है। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है—सरकार ने 97 और तेजस जेट खरीदने का 67,000 करोड़ रुपए का नया करार भी किया है!
तेजस मार्क 1ए: भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक
तेजस मार्क 1ए, LCA (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) का एडवांस वर्जन है। इसमें 65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं, जो मेक इन इंडिया की सफलता को दर्शाता है। यह सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान है, जो MiG 21 सीरीज की जगह लेगा। MiG 21 ने 62 साल तक सेवा दी है, लेकिन अब 19 सितंबर को रिटायर हो जाएगा।
HAL के चेयरमैन डीके सुनील ने कहा कि डिलीवरी में हुई देरी तकनीकी खामियों के कारण थी, लेकिन अब वह दूर हो गई हैं। 2028 तक HAL को 83 तेजस मार्क 1ए वायुसेना को सौंपने हैं, और अब 97 और जेट खरीदने का रास्ता साफ हो गया है।
97 नए तेजस जेट: 67,000 करोड़ का डील
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, 19 अगस्त को सरकार ने 97 तेजस मार्क 1ए खरीदने के लिए 62,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी थी। अब 67,000 करोड़ रुपए के इस नए डील से वायुसेना की ताकत और बढ़ेगी। इन जेट्स को पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के बीकानेर एयरबेस पर तैनात करने की योजना है।

MiG 21 की जगह लेंगे तेजस मार्क 1ए
भारतीय वायुसेना के MiG 21 विमान अब पुराने हो चुके हैं। तेजस मार्क 1ए इनकी जगह लेंगे और वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। यह एयरोस्पेस में भारत की आत्मनिर्भरता का बड़ा कदम है।
भारत की एयर पावर में नई क्रांति?
तेजस मार्क 1ए न सिर्फ MiG 21 की जगह लेंगे, बल्कि भारत को एयर पावर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनाएंगे। 97 नए जेट खरीदने का यह डील भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
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