तेजस LCA Mark-1A को मिलेगी नई ताकत
भारत को अमेरिका से दूसरा GE-404 फाइटर जेट इंजन सौंपा गया है, जो कि स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए (LCA Mk-1A) में इस्तेमाल किया जाएगा। यह इंजन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को सौंपा गया, जो तेजस का निर्माण कर रही है।

HAL के अनुसार, दिसंबर 2025 तक कुल 12 GE-404 इंजन भारत पहुंचेंगे, जिनका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना के लिए बनाए जा रहे तेजस फाइटर जेट्स में किया जाएगा।
83 तेजस फाइटर का ऑर्डर, 97 और प्रस्तावित
भारतीय वायुसेना ने HAL को 83 तेजस मार्क-1ए जेट्स का ऑर्डर दिया है, जिसकी डिलीवरी 2024 से 2028 के बीच की जानी है। इसके अतिरिक्त, 97 और फाइटर जेट्स की खरीद अंतिम मंजूरी के करीब है।
- कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू: ₹46,898 करोड़
- डिलीवरी टाइमलाइन: 2024–2028
- निर्माता: HAL, भारत
HAL और डिलिवरी में देरी पर बयान
HAL के चेयरमैन डीके सुनील ने फरवरी 2025 में कहा था कि तेजस की डिलिवरी में तकनीकी कारणों से देरी हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। कंपनी जल्द ही वायुसेना को विमान सौंपना शुरू करेगी।
हालांकि, इसी दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने डिलिवरी में हो रही देरी पर चिंता जताई थी और साफ कहा था,
“मुझे HAL पर भरोसा नहीं रहा।”
MiG सीरीज़ की जगह लेगा LCA Mark-1A
भारतीय वायुसेना MiG-21, MiG-23 और MiG-27 जैसे पुराने विमानों को हटाकर LCA Mark-1A से रिप्लेस करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है।
LCA तेजस मार्क-1A की खासियतें
- 65% स्वदेशी निर्माण
- सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर
- AESA रडार, एयर टू एयर और एयर टू ग्राउंड हथियार
- इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट
- पाकिस्तान बॉर्डर के पास नाल एयरबेस, बीकानेर में तैनाती की योजना
प्रधानमंत्री मोदी भी तेजस में भर चुके हैं उड़ान
25 नवंबर 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में तेजस विमान में उड़ान भरी थी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की फाइटर प्लेन में पहली उड़ान थी। उन्होंने HAL की तकनीकी क्षमताओं की सराहना की थी और इसे “आत्मनिर्भर भारत” की मिसाल बताया था।

क्या है GE-404 इंजन?
GE-404 इंजन एक भरोसेमंद और हाई-परफॉर्मेंस टर्बोफैन इंजन है, जिसे अमेरिका की GE Aviation कंपनी बनाती है। यह तेजस की उच्च गति, क्लाइंबिंग पावर और युद्ध में उपयोगी रेंज को सुनिश्चित करता है।
- थ्रस्ट: ~84 kN
- वजन: ~1,036 किलोग्राम
- उपयोग: हल्के और मिड-रेंज लड़ाकू विमान
तेजस फाइटर जेट और GE-404 इंजन की यह साझेदारी भारत की रक्षा तैयारियों को आधुनिक और आत्मनिर्भर बना रही है। अब दुनिया देख रही है कि कैसे भारत पुराने MiG जेट्स को पीछे छोड़कर अपनी आकाशीय सीमाओं को खुद के बनाए लड़ाकू विमानों से मजबूत कर रहा है।
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