
2024 में बनी थी पार्टी
जनशक्ति जनता दल की स्थापना 2024 में तेजप्रताप के करीबी बालेंद्र दास ने की थी। इस पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया था, जिसमें इसका चुनाव चिन्ह बांसुरी था। बालेंद्र दास पार्टी के अध्यक्ष हैं, जबकि प्रशांत प्रताप राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। लोकसभा चुनाव में सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी ने अपनी उपस्थिति दर्ज की थी। अब, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जनशक्ति जनता दल ने तेजप्रताप यादव को अपना प्रमुख चेहरा बनाया है। सोमवार को चुनाव आयोग से मान्यता मिलने के बाद तेजप्रताप ने नई ऊर्जा के साथ अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है।
महुआ से चुनाव लड़ने का ऐलान
तेजप्रताप यादव ने 26 जुलाई 2025 को ऐलान किया था कि वह वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह सीट उनके लिए खास है, क्योंकि 2015 में उन्होंने यहीं से RJD के टिकट पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में RJD ने उन्हें महुआ के बजाय हसनपुर सीट से उतारा, जहां से वह वर्तमान में विधायक हैं। महुआ सीट पर अभी RJD के ही मुकेश कुमार रौशन विधायक हैं, जिससे तेजप्रताप का यह फैसला उनकी पुरानी पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। तेजप्रताप ने कहा, “महुआ मेरी कर्मभूमि है। मैंने इस क्षेत्र के लिए बहुत काम किया है, और जनता का समर्थन मेरे साथ है।”
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Tej Pratap Yadav New Party: चुनाव आयोग के साथ बैठक
तेजप्रताप यादव नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से करीब 30 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जनशक्ति जनता दल को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा किए। तेजप्रताप ने कहा, “हमारी पार्टी जनता की आवाज बनकर उभरेगी। बिहार में युवाओं, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर हमारा ध्यान है। मैं महुआ से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि जनशक्ति जनता दल के बैनर तले लड़ूंगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी बिहार में बदलाव की नई लहर लाएगी और मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता में वापसी से रोकेगी। तेजप्रताप ने कहा, “चाचा नीतीश कुमार इस बार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जो भी सरकार बनेगी, अगर वह युवा, रोजगार और विकास की बात करेगी, तो जनशक्ति जनता दल उसका समर्थन करेगा।”
RJD और परिवार से निष्कासन
मई 2025 में लालू प्रसाद यादव ने तेजप्रताप को RJD से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। यह फैसला एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के बाद लिया गया, जिसमें तेजप्रताप ने एक महिला के साथ अपने “रिश्ते” की बात कही थी। बाद में उन्होंने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। लालू ने इसे “गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” बताते हुए न केवल पार्टी से, बल्कि परिवार से भी नाता तोड़ लिया। तेजप्रताप ने इस निष्कासन को अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबी कुछ नेताओं की साजिश करार दिया, जिन्हें उन्होंने “जयचंद” की संज्ञा दी। इस घटना ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी थी। तेजप्रताप ने दावा किया कि उनकी और तेजस्वी के बीच दरार डालने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने अपने भाई के प्रति नरम रुख बनाए रखा।

तेजप्रताप का राजनीतिक करियर
Tej Pratap Yadav New Party: तेजप्रताप यादव ने 2015 में महुआ सीट से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। RJD के टिकट पर जीत के बाद वह नीतीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा, और वह अक्सर अपनी टिप्पणियों और व्यवहार के कारण चर्चा में रहे। 2020 में उन्हें हसनपुर सीट से जीत मिली, लेकिन पार्टी में उनकी भूमिका सीमित होती गई। लालू प्रसाद ने अपने छोटे बेटे तेजस्वी को RJD की कमान सौंपी, जिससे तेजप्रताप की नाराजगी सामने आई। निष्कासन के बाद उन्होंने ‘टीम तेजप्रताप यादव’ नाम से सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाई और जनता तक अपनी पहुंच बनाई। अब जनशक्ति जनता दल के साथ वह बिहार की सियासत में नया मुकाम हासिल करने की कोशिश में हैं।
