NIA ने दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट
दिल्ली की NIA कोर्ट ने 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की न्यायिक हिरासत 13 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी है। NIA ने तहव्वुर के खिलाफ दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इससे पहले पहली चार्जशीट 2011 में दाखिल की गई थी।

कबूलनामे में बड़े खुलासे
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राणा ने कबूल किया कि वह पाकिस्तानी आर्मी का एजेंट था।
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26/11 हमले के वक्त वह मुंबई में मौजूद था।
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उसने हमलों की रेकी (जमीन की जांच) और सुविधाएं जुटाने का काम किया।
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मुंबई में खोला गया उसका इमिग्रेशन ऑफिस, हमले की तैयारी का अड्डा बना।
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उसने लश्कर-ए-तैयबा और पाक सेना के अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने की बात मानी।
पाकिस्तान के ISI और लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका
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राणा ने कहा कि ISI के अफसर साजिद मीर, अब्दुल रहमान पाशा और मेजर इकबाल से उसका सीधा संपर्क था।
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उसने ये भी बताया कि हमले की योजना ISI के निर्देशों पर बनाई गई थी।
अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि
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राणा एक कनाडाई नागरिक है लेकिन जन्म से पाकिस्तानी है।
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वह पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर रह चुका है।
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अमेरिका में FBI ने 2009 में उसे गिरफ्तार किया था।
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अमेरिका में उसे लश्कर-ए-तैयबा को समर्थन देने के लिए दोषी पाया गया था।
डेविड हेडली के साथ गहरा रिश्ता
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तहव्वुर राणा और डेविड हेडली स्कूल टाइम से दोस्त हैं।
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हेडली ने ही हमलों की जमीन तैयार की थी और राणा ने लॉजिस्टिक सहायता दी।
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राणा को मालूम था कि हेडली लश्कर के लिए काम कर रहा है।
26/11 हमला: एक त्वरित पुनरावलोकन
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तारीख: 26 नवंबर 2008
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स्थान: मुंबई, भारत
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आतंकी संगठन: लश्कर-ए-तैयबा
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मृतक: 175 (9 आतंकी सहित)
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घायल: 300+
तहव्वुर राणा की हिरासत का बढ़ना और NIA द्वारा चार्जशीट दाखिल किया जाना 26/11 जैसे भारत के सबसे बड़े आतंकी हमलों में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब NIA और मुंबई पुलिस मिलकर आगे की पूछताछ और साक्ष्य संग्रह की प्रक्रिया को तेज़ करने जा रहे हैं।
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