Teacher Gets First Ever Sword License in India : 8 साल की कानूनी लड़ाई को बाद जारी हुआ लाइसेंस
Teacher Gets First Ever Sword License in India : आपने रिवाल्वर, पिस्टल या अन्य बंदूक के लाइसेंस के बारे में खूब सुना होगा, लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में एक टीचर सुभाष सिंह तोमर को तलवार का लाइसेंस मिला है.
देश का पहला मामला
देश में पहली बार इस तरह का लाइसेंस जारी हुआ है. हालांकि इसके लिए मध्य प्रदेश के इंदौर के सुभाष सिंह तोमर को 8 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. डीएम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक के चक्कर लगाने पड़े. इंदौर हाईकोर्ट के निर्देश पर इंदौर के डीएम ने यह लाइसेंस जारी किया है.
सुरक्षा के लिए जारी हुआ लाइसेंस
आदिवासी वहां खेती किसानी के साथ ही अपनी सुरक्षा के लिए अपने साथ धारदार हथियार रखते थे. उन्होंने इन्हीं घटनाओं को देखते हुए 1959 शस्त्र अधिनियम का अध्ययन किया और आरटीआई के जरिए सूचना एकत्र की. इसके बाद उन्होंने डीएम ऑफिस में धारदार हथियार के लिए लाइसेंस की अर्जी लगा दी.
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
सुभाष तोमर के मुताबिक पहली बार में तो डीएम ने बिना कोई कारण बताए उनकी अर्जी खारिज कर दी. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए कानूनी लड़ाई शुरू कर दी. यह लड़ाई करीब 8 साल तक चली और पिछले दिनों हाईकोर्ट ने इंदौर डीएम को लाइसेंस जारी करने के आदेश दे दिए. बावजूद इसके उन्हें लाइसेंस नहीं मिला तो वह वापस कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की अर्जी लेकर हाईकोर्ट पहुंचे. हालांकि कोर्ट में सुनवाई से पहले ही डीएम ने उन्हें लाइसेंस दे दिया है.
