Tea During Periods: मासिक धर्म (Periods) के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और फिजिकल बदलाव होते हैं। इस दौरान जांघों, पेट और कमर में दर्द, मूड स्विंग, थकान और चिड़चिड़ापन आम लक्षण हैं। ऐसे में बहुत-सी महिलाएं राहत पाने के लिए चाय का सेवन करती हैं, क्योंकि इससे शरीर में गर्माहट मिलती है और दर्द से कुछ हद तक राहत भी मिलती है। लेकिन क्या यह आदत सेहत के लिए सही है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट से।
क्या कहती हैं डायटीशियन?
सूत्रो के हवाले से, डायटीशियन मनीषा गोयल के अनुसार,
“पीरियड्स के दौरान चाय से मिलने वाली गर्माहट मसल्स के कॉन्ट्रैक्शन को कम करने में मदद करती है और इससे दर्द में राहत मिलती है। लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कई समस्याओं को जन्म दे सकता है।”
चाय पीने से हो सकते हैं ये नुकसान…
1. बार-बार यूरिन जाने की समस्या…
चाय में मौजूद कैफीन ड्यूरेटिक असर दिखाता है, जिससे यूरिनेशन की फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है। पीरियड्स के दौरान ये स्थिति असहजता पैदा कर सकती है और शरीर से आवश्यक तरल बाहर निकल सकता है।
2. नींद पर असर…
चाय के अधिक सेवन से नींद में बाधा आती है। पीरियड्स के दौरान अच्छी नींद बेहद जरूरी होती है ताकि शरीर रिलैक्स हो सके और क्रैम्प्स से राहत मिले। अनिद्रा क्रैम्प्स को और बढ़ा सकती है।
3. एसिडिटी और ब्लोटिंग…
कैफीन युक्त चाय गट मोटिलिटी को प्रभावित करती है जिससे अपच, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पीरियड्स के समय यह ब्लोटिंग और असहजता को बढ़ा सकती है।
4. हैवी पीरियड्स का खतरा…
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, चाय में मौजूद कैफीन एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ा सकती है। इससे हार्मोन असंतुलन पैदा हो सकता है और पीरियड्स हैवी होने के साथ-साथ स्तन कैंसर का रिस्क भी बढ़ सकता है।
5. शरीर में पानी की कमी…
ब्लीडिंग के चलते पहले से ही शरीर में फ्लूइड लेवल कम हो जाता है। ऐसे में ज्यादा चाय पीने से बार-बार यूरिन जाने के कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे सिरदर्द, घबराहट और थकान महसूस हो सकती है।
आयरन अवशोषण में रुकावट…
चाय में मौजूद कैटेचिन और टैनिक एसिड, शरीर में आयरन के एब्जॉर्प्शन को रोकते हैं। मासिक धर्म के दौरान जब शरीर पहले ही खून खो रहा होता है, तब आयरन की आवश्यकता और बढ़ जाती है। ऐसे में चाय पीना नुकसानदायक हो सकता है।
पीरियड्स में चाय से मिल सकते हैं ये फायदे…
1. हल्की गर्म चाय पीने से शरीर को गर्माहट मिलती है
2. मांसपेशियों के कॉन्ट्रैक्शन कम होते हैं, जिससे दर्द से राहत मिलती है
3. मूड स्विंग में थोड़ी राहत मिल सकती है
लेकिन ध्यान रहे: यह फायदा तभी मिलता है जब चाय सीमित मात्रा में, यानी दिन में 1 से 2 बार ही ली जाए।

किन चायों से बचें और किनका विकल्प चुनें?
चाय का प्रकार पीरियड्स में असर…
1. कैफीन युक्त चाय – नुकसानदेह
2. दूध वाली चाय – ब्लोटिंग बढ़ा सकती है
3. अदरक वाली चाय – हल्के दर्द में मददगार
4. ग्रीन टी – हल्की मात्रा में फायदेमंद
5. लेमन टी – डिटॉक्स में मददगार
एक्सपर्ट टिप…
1. चाय की जगह आप हर्बल टी, तुलसी की चाय, दालचीनी वाली चाय या सौंफ पानी का सेवन कर सकती हैं।
2. ये नेचुरल तरीके से शरीर को आराम देते हैं, डाइजेशन ठीक रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।
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