Tattoo Side Effects: आजकल हर कोई टैटू बनवाने के शौकीन है, टैटू केवल फैशन का हिस्सा नहीं रहे बल्कि युवा और बुजुर्ग दोनों ही इसे अपनी पहचान, भावनाओं या किसी खास घटना को याद रखने के तौर पर अपनाते हैं। सोशल मीडिया और फिल्मी सितारों के प्रभाव से टैटू का चलन काफी बढ़ गया है। हालांकि, कई लोग यह नहीं जानते कि टैटू केवल शरीर की सजावट नहीं है, बल्कि इसके कई साइनेटिक, मेडिकल और स्वास्थ्य संबंधी असर भी हो सकते हैं।
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टैटू बनाने की प्रक्रिया…
टैटू बनवाने की प्रक्रिया में शरीर की त्वचा के ऊपर की परत (एपिडर्मिस) को पार करके दूसरी परत (डर्मिस) में इंक (स्याही) डाली जाती है। यह इंक स्थायी रूप से त्वचा में जमा हो जाती है। प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और सुई बहुत तेजी से त्वचा को छेदती हैं, जिससे डिजाइन उभरता है। हालांकि यह प्रक्रिया सामान्य रूप से सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन इसके कई स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी जुड़े होते हैं।

बॉडी में टैटू के संभावित असर..
एलर्जी और त्वचा की सूजन…
कुछ लोगों को टैटू इंक से एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षणों में त्वचा पर लाल धब्बे, खुजली और सूजन शामिल हैं। कभी-कभी यह एलर्जी महीनों या सालों बाद भी उभर सकती है।
संक्रमण (Infection)
अगर सुई और उपकरण पूरी तरह से साफ नहीं हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बैक्टीरिया और वायरस के कारण त्वचा पर फोड़े, छाले या गंभीर मामलों में हेपेटाइटिस और HIV जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।
सोरायसिस और स्किन डिजीज…
टैटू के कारण पहले से मौजूद स्किन रोग जैसे सोरायसिस या एक्जिमा और बढ़ सकते हैं। कभी-कभी टैटू बनवाने के बाद त्वचा की समस्या पूरी तरह नया रूप ले लेती है।
इंक का असर और गहरे निशान…
कुछ टैटू इंक में भारी धातुएं (जैसे लेड, कैडमियम, कोबाल्ट) होती हैं, जो शरीर में अवशोषित होकर स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन असर डाल सकती हैं। इसके अलावा अगर टैटू ठीक से न बने तो निशान स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं।
MRI और स्कैन में समस्या…
कुछ मामलों में टैटू वाले क्षेत्रों में MRI या अन्य मेडिकल स्कैन के दौरान त्वचा जलन या दर्द महसूस हो सकता है। इसके पीछे इंक में मौजूद धातु का असर माना जाता है।

मानसिक और सामाजिक असर…
टैटू केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक दृष्टि से भी असर डाल सकता है।
1. रोजगार और समाज में प्रभाव: कई पेशेवर क्षेत्रों में टैटू पर प्रतिबंध या नकारात्मक दृष्टिकोण हो सकता है।
2. भावनात्मक निर्णय: युवाओं द्वारा बिना सोचे समझे बनवाया गया टैटू भविष्य में पछतावा या शर्मिंदगी का कारण बन सकता है।
टैटू बनवाने से बचाव और सुरक्षा उपाय…
1. सफाई और सेफ्टी: हमेशा प्रमाणित और लाइसेंसधारी टैटू आर्टिस्ट से ही टैटू बनवाएं। सुई और उपकरण को स्टरलाइज किया जाना चाहिए।
3. इंक की गुणवत्ता: उच्च गुणवत्ता और मेडिकल ग्रेड इंक का ही इस्तेमाल करें।
3. एलर्जी टेस्ट: टैटू बनाने से पहले छोटी मात्रा में इंक का पैच टेस्ट कर लें।
4. स्किन केयर: टैटू बनवाने के बाद त्वचा की साफ-सफाई और मॉइश्चराइजिंग जरूरी है।
5. सावधानी और निर्णय: टैटू बनवाने से पहले डिज़ाइन, स्थान और भविष्य के संभावित प्रभावों पर सोचें।

