
बांग्लादेश में नई सरकार
शपथ ग्रहण के साथ ही बांग्लादेश में नई सरकार का औपचारिक गठन हो गया। सरकार में 25 कैबिनेट मंत्री और 24 राज्य मंत्री होंगे। इनमें एक हिंदू मंत्री भी है। शपथ ग्रहण समारोह संसद के साउथ प्लाजा में हुआ, जहां राष्ट्रपति ने नया मंत्रिमंडल भी शपथ दिलाई। षपथ के दौरान मौके पर लगभग 1,200 अतिथि मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्रियों के नाम
- मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर
- अमीर खोशरू महमूद चौधरी
- सलाहुद्दीन अहमद
- इकबाल हसन महमूद
- मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम
- अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन
- डॉ. खलीलुर रहमान
- अब्दुल अव्वल मिंटू
- काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद
- मिजानुर रहमान मीनू
- निताई रॉय चौधरी (हिंदू नेता)
- खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर
- अरिफुल हक चौधरी
- जहीर उद्दीन स्वपन
- मोहम्मद अमीन उर रशीद
- अफरोजा खानम रीटा
- शाहिद उद्दीन चौधरी एनी
- असदुल हबीब दुलु, मोहम्मद असदुज्जमां
- जकारिया ताहिर
- दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक)
- एएनएम एहसानुल हक मिलन
- सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन
- फकीर महबूब अनम
- शेख रबीउल आलम
राज्य मंत्रियों के नाम
- एम रशीदुज्जमां मिल्लत
- अनिंद्य इस्लाम अमित
- एमडी शरीफुल आलम
- शमा ओबैद इस्लाम
- सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू
- बैरिस्टर कैसर कमाल
- फरहाद हुसैन आजाद
- एमडी अमीनुल हक (टेक्नोक्रेट)
- मीर मोहम्मद हेलाल उद्दीन
- हबीबुर रशीद
- एमडी राजीब अहसन
- एमडी अब्दुल बारी
- मीर शाहे आलम
- जोनायद अब्दुर रहीम साकी
- इशराक़ हुसैन
- फरजाना शर्मिन
- शेख फ़रीदुल इस्लाम
- नुरुल हक नूर
- यासर खान चौधरी
- एम इकबाल हुसै
- एमए मुहिथ
- अहमद सोहेल मंजूर
- बॉबी हज्जाज
- अली नेवाज महमूद खैयाम
Tarique Rahman new PM: सियासी टकराव तेज
नई सरकार के गठन के साथ ही संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। 12 फरवरी संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह हुआ था। इसमें 62 फीसदी लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा के रूप में काम करेगी। इस दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते।
जुलाई चार्टर का मकसद
बता दे कि, जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे PM की ताकत घटती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसके नेताओं को कई प्रावधानों पर आपत्ति हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते वक्त उनसे सलाह नहीं ली गई।
शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुई NCP
शपथ समारोह से पहले NCP ने घोषणा की, कि वह कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगी। वहीं CP के 6 निर्वाचित सांसदों ने शपथ ली। उन्होंने संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में भी शपथ ली। दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी केनिर्वाचित सदस्यों ने भी शपथ ली। संसद के सदस्यों के रूप में शपथ लेने के बाद, जमात-ए-इस्लामी के और NCP के निर्वाचित सदस्यों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के सदस्यों के रूप में भी शपथ ली।
