सिटी ऑफ म्यूजिक में 5 दिन तक सजेगी सुरों की महफिल

tansen ceremony: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में तानसेन शताब्दी वर्ष के समारोह का आगाज आज होगा। सम्राट तानसेन की समाधि पर शहनाई वादन, ढोलीबुआ महाराज की हरिकथा एवं मीलाद वाचन से समारोह का पारंपरिक शुभारंभ होगा।
tansen ceremony: आज से सजेगी सुरों की महफिल
समारोह में 10 संगीत सभाएं होंगी तानसेन संगीत समारोह में इस साल 10 संगीत सभाएं होंगी। पहली सभा 15 दिसंबर को शाम तानसेन समाधि परिसर में बनाए गए भव्य मंच पर सजेगी। इसके बाद हर दिन यहीं पर सुबह और शाम को सभाएं होंगी। समारोह के तहत 18 दिसम्बर को सुबह10 बजे से दो संगीत सभाएं समानांतर रूप से सजेंगीं। समारोह के आखिरी दिन यानि 19 दिसंबर को सुबह सभा संगीत शिरोमणि तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और इस साल के समारोह की अंतिम संगीत सभा शाम को गूजरी महल परिसर में होगी।
tansen ceremony: ध्रुपद गायन से होगा शुभारंभ
ध्रुपद गायन से होगा शुभारंभ सभा का शुभारंभ पारंपरिक रूप से 15 दिसंबर शाम 7 बजे शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगा। इस सभा में भारती प्रताप बेंगलुरू का गायन होगा। इस सभा में विश्व संगीत के तहत यूजी नाकागावा एवं शिगेरू मोरियामा जापान की प्रस्तुति होगी। इसी क्रम में पं. राहुल शर्मा मुम्बई का संतूर वादन एवं इसके बाद दिल्ली से पधार रहीं और ग्वालियर की मूलनिवासी शास्त्रीय संगीत की ख्यातिनाम गायिका मीता पण्डित का गायन होगा।
tansen ceremony: 16 दिसंबर को सायंकालीन सभा इस सभा का राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगा।
17 दिसंबर को प्रात:कालीन सभा सभा का आरंभ प्रात: 10 बजे तानसेन संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगा। इसके बाद भोपाल के महेश मलिक एवं अमित मलिक की वायोलिन जुगलबंदी, वाराणसी के पं. कमला शंकर का गिटार वादन, भव्या सारस्वत रतलाम का ध्रुपद गायन एवं जयपुर के अश्विन दलवी का सुर बहार वादन होगा।
tansen ceremony: 17 दिसंबर को सायंकालीन सभा
इस सभा की शुरुआत शाम 6 बजे भारतीय संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगी। इसके बाद विश्व संगीत के तहत फ्रांस के एटिने कैबरे व क्रिस्टोफ रोचर, निकोलस पॉइंटर्ड द्वारा रैप व संगीत बैंड की प्रस्तुत दी जाएगी। इसी क्रम में बेंगलुरू के सुविख्यात गायक नागराज राव हवलदार का गायन, रोनू मजूमदार मुम्बई का बांसुरी वादन और सभा के अंत में देश की ख्यातिनाम गायिका शुभा मुदगल दिल्ली का गायन होगा।
tansen ceremony: 18 दिसंबर को प्रात:कालीन सभा
इस सभा की शुरूआत प्रात:काल 10 बजे शंकर गंधर्व महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगी। इस सभा में रोहन पंडित ग्वालियर का गायन एवं उस्ताद दानिश असलम खां दिल्ली की रबाब प्रस्तुति होगी। इस संगीत सभा में मुरैना के मोहित खाँ का गायन, महालक्षमी शिनॉय उदयपुर का गायन, उस्ताद अमीर खाँ भोपाल का सरोद वादन एवं सभा के अंत में सुनंदा शर्मा दिल्ली का गायन होगा।
tansen ceremony: 18 दिसंबर सायंकालीन सभा
इस सभा की शुरुआत शाम 6 बजे साधना संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगी। इस सभा में विश्व संगीत के तहत रेमो स्केनो इटली के सितार वादन की प्रस्तुति होगी। इसके बाद तानसेन सम्मान से विभूषित कलाकार पं. स्वपन चौधरी कोलकाता का तबला वादन एवं आरती अंकलीकर टिकेकर मुम्बई का गायन होगा।
tansen ceremony: 19 दिसंबर को बेहट में होगी प्रात:कालीन सभा
इस सभा की शुरुआत प्रात: 10 बजे ध्रुपद केन्द्र बेहट के ध्रुपद गायन से होगी। इसके बाद अनूप एवं वैशाली मोघे ग्वालियर द्वारा गायन, अदिति शर्मा दिल्ली का ध्रुपद गायन एवं दीपांशु शर्मा ग्वालियर द्वारा सितार वादन की प्रस्तुति होगी। सायंकालीन एवं अंतिम सभा 19 को दिसंबर गूजरी महल में होगी
