10 से ज्यादा घायल, 52 बोगियों में था डीजल!
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास रविवार सुबह 5:30 बजे एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जब एक डीजल मालगाड़ी पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई। इस हादसे में 18 बोगियां जलकर खाक हो गईं, जिनमें से 52 बोगियों में डीजल था। यह मालगाड़ी मनाली से जोलारपेट होते हुए कर्नाटक जा रही थी। दुर्घटना की वजह से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, और रेलवे प्रशासन को सुरक्षा उपायों को लेकर कई बड़े फैसले लेने पड़े।
आग लगने के बाद हुई भारी तबाही
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मालगाड़ी की शुरुआत में 5 बोगियों में आग लगी थी, जो बाद में बढ़कर 18 बोगियों तक फैल गई। हादसा तिरुवल्लूर के पास ताचलू क्रॉसिंग के इलाके में हुआ, जहां से रेलवे स्टेशन तक की दूरी लगभग 100 मीटर है। आग की शुरुआत तीसरी बोगी से हुई थी और देखते ही देखते यह 19वीं बोगी तक फैल गई।

फायर ब्रिगेड की टीमों ने घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घटना की जानकारी मिलते ही, रेलवे प्रशासन ने ओवरहेड बिजली आपूर्ति बंद कर दी, ताकि हादसे से प्रभावित होने की संभावना कम हो। घटना स्थल पर कुल 10 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और करीब दोपहर तक आग पर काबू पा लिया गया।
घायलों की संख्या और सुरक्षा उपाय
हादसे में 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है, और उन्हें इलाज की सुविधा दी जा रही है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, 40 बोगियों को जलती हुई ट्रेन से अलग कर लिया गया ताकि बाकी बोगियों को बचाया जा सके। इसके साथ ही स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
अधिकारियों का कहना है कि आग के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन जांच जारी है। इसके अलावा, रेलवे और पुलिस ने घटना स्थल के पास की पटरी में मिली दरार की जांच भी शुरू कर दी है, जिससे यह भी पता चलेगा कि कहीं यह दरार ट्रेन पटरी से उतरने का कारण तो नहीं बनी।

रेलवे ऑपरेशन्स प्रभावित: कई ट्रेनें रद्द
इस हादसे के कारण चेन्नई-केरल और बैंगलोर के रास्ते पर चलने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। चेन्नई से बैंगलोर और तिरुपति तक जाने वाली प्रमुख मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, कई अन्य ट्रेनों के रूट बदल दिए गए और उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।
दक्षिण रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास हुई घटना के बाद सुरक्षा कारणों से ओवरहेड पावर सप्लाई को बंद कर दिया गया है। इस कारण ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है, और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले लेटेस्ट अपडेट जरूर चेक करें।
रेलवे सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर से रेलवे सुरक्षा और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी को उजागर करती है। हालांकि रेलवे प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू किया, लेकिन इस तरह के हादसे भविष्य में न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों में और सुधार की जरूरत है।
यह हादसा न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन गया है। मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद आग का फैलना एक गंभीर सुरक्षा समस्या को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन यात्री सुरक्षा और मालगाड़ी की सुरक्षित यात्रा के लिए अब और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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