Betul’s Durga’s flight was amazing: आज किसी भी क्षेत्र में लड़कियां खुद को साबित करने में पीछे नहीं हैं. वहीं ताजा उदाहरण की बात करें तो हाल ही में महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी विश्व कप जीत कर इतिहास रचा. वहीं पहले T20 ब्लाइंड महिला वर्ल्ड कप में भारत ने नेपाल को हराकर खिताब अपने नाम किया. हम आपको एक ऐसी महिला क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मध्य प्रदेश के बैतूल की रहने वाली है.जिसका नाम है दुर्गा येवले…
क्रांति गौड़ के बाद एक और महिला क्रिकेटर ने मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की दुर्गा येवले ने नाम रोशन किया है उसने गरीबी और सामाजिक चुनौतियों के साथ उसने अपनी शारीरिक कमजोरी को हथियार बनाया और अपने घर-गांव प्रदेश का नाम रोशन किया.
Read More-FED EXPO 2025 launched: MP के सीएम डॉ मोहन यादव ने किया FED EXPO 2025 का शुभारंभ
ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत ने नेपाल को हराया
ब्लाइंड वर्ल्ड कप के इस सफर में दुर्गा का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. टीम इंडिया ने नेपाल की टीम को 5 विकेट पर 114 रन के स्कोर पर ही रोक दिया. इसके बाद भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 12 ओवर में ही 117 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया.देश के साथ मध्य प्रदेश, बैतूल और इंदौर स्थित महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ में खासी खुशियां मनाई जा रही हैं.
READ MORE :राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसले बुलंद,पुलिस को चैलेंज किया
बैतूल के छोटे से गांव की रहने वाली है दुर्गा
अखिर दुर्गा येवले कौन है. बैतूल की भैंसेदही तहसील के एक छोटे से गांव राक्सी के गौलीढाना गांव में 1 फरवारी 2003 को दुर्गा का जन्म हुआ था. उनके पिता खेती करते हैं. दुर्गा दो बहन और एक भाई में छोटी है. दुर्गा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से की. बताया जा रहा है कि पिता झब्बू येवले और टीचर नत्थू वडुकले का दुर्गा के जीवन में बहुत योगदान है. उनके सहयोग से वह बैतूल छात्रावास पहुंची. फिर पाढर ब्लाइंडर स्कूल से 9वीं और 10वीं कक्षा पूरी की. इसके बाद इंदौर के महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ छात्रावास में एडमिशन लिया.
ब्लाइंड पर्सन क्रिकेट कैसे खेलते हैं
ब्लाइंड पर्सन कैसे क्रिकेट खेल सकते हैं. इसमें एक सफेद प्लास्टिक की गेंद का यूज होता है. जिसके अंदर बॉल बेयरिंग भरे होते हैं. जब गेंद फेंकी जाती है, तो उसमें से आवाज आवाज आती है, जिसे खिलाड़ी सुन पाते हैं. हालांकि बॉलिंग से पहले बॉलर को पूछना होता है कि बल्लेबाज तैयार है. इसके बाद गेंद फेंकते समय प्ले चिल्लाना होता है. नॉर्मल क्रिकेट की तरह इसमें भी 11 खिलाड़ी होते हैं. जिसमें कम से कम 4 खिलाड़ी पूरी तरह से ब्लाइंड होते हैं.
