Surya Mitra Krishi Feeder Yojana : किसानों को बगैर खर्च के बिजनेस का मौका
Surya Mitra Krishi Feeder Yojana : मध्यप्रदेश के किसानों को माली हालत सुधारने के लिए मोहन यादव सरकार नए-नए प्रयोग कर रही है. खेती को लाभ का धंधा बनाने के साथ ही किसानों को ऐसे व्यवसायों से जोड़ने पर काम चल रहा है, जिसे खेती-किसानी के साथ आसानी से किया जा सकता है. इसी के तहत मध्यप्रदेश सरकार ने सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का शुभारंभ किया है. यह किसानों को निवेशक बनने का मौका भी देगी. इससे किसानों को खेती के लिए जहां भरपूर बिजली मिलेगी,
सोलर संयंत्र से बिजनेस का मौका
किसान सोलर संयंत्र स्थापित कर सरकार को बिजली भी बेच सकते हैं. इसके लिए सरकार किसानों के साथ 25 साल का अनुबंध करेगी. इसमें लगने वाला खर्च भी सरकारी बैंकों से लोन के माध्यम से दिलाया जाएगा और सरकार इस पर सब्सिडी भी देगी. किसान अपने जरूरत की बिजली इस्तेमाल करने के बाद बची हुई बिजली से कमाई भी कर सकेगा.
किसानों को बिजली का बिजली का नहीं करना होगा इंतजार
मध्यप्रदेश में सिंचाई सविधाओं के लिए करीब 8000 अलग कृषि फीडर्स स्थापित किए गए हैं. इन पर लगभग 35 लाख कृषि पम्प हैं. इन सभी कृषि फीडर्स एवं मिश्रित फीडर्स के कृषि पंपो को सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाएगी. इसलिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना का विस्तार करते हुए सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत सोलर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य दिन में किसानों को खेती के लिए बिजली उपलब्ध कराना है. जिससे उन्हें फसलों में पानी देने के लिए रात भर जागकर बिजली का इंतजार न करना पड़े.
सूर्य मित्र कृषि फीडर से मिलेगा ये लाभ
इस योजना के शुरू होने से सबस्टेशन के सभी फीडरों को दिन में एक साथ बिजली दी जा सकेगी. इस व्यवस्था के लिए विद्युत सबस्टेशन में सुधार के साथ नए ट्रांसफार्मर पर होने वाले तात्कालिक खर्च कम हो सकेंगे. मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कृषि क्षेत्र में विद्युत सब्सिडी का भार कम किया जा सके. वही 33/11 किलोवोल्ट विद्युत वितरण उपकेन्द्रों पर स्थापित पावर ट्रांसफर्मर पर ओवर-लोडिंग, लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या भी कम होगी.
वोकल फार लोकल से मिलेगा रोजगार
इस योजना के अंतर्गत विद्युत सब-स्टेशन की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी. वोकल फार लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. साथ ही शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा. वर्तमान में 1900 से अधिक सब-स्टेशनों पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं. इन परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा. फंड से 7 वर्षों तक का लोन मुहैया कराया जाएगा, इसके ब्याज में सरकार 3 प्रतिशत्त सब्सिडी भी देगी.
वर्तमान में 16 हजार कृषि पंप
मध्यप्रदेश में अभी 80 मेगावाट क्षमता के सोलर एनर्जी परियोजनाएं चल रही हैं. इनसे 16 हजार से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा चुका है. 240 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के विद्युत क्रय अनुबंध किया गया हैं. 200 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं प्रक्रिया में हैं. इस प्रकार जल्द ही मध्यप्रदेश में इन 520 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं की स्थापना से एक लाख से अधिक कृषि पम्पों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किया जा सकेगा.
अगले 3 साल में 32 लाख सोलर कनेक्शन का टारगेट
सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत मंगलवार को राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में निवेशकों के साथ आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “मध्यप्रदेश में वर्तमान समय में 2 लाख किसानों के पास अस्थाई बिजली कनेक्शन हैं, जबकि 30 लाख से अधिक स्थाई कनेक्शन हैं. हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाले 3 सालों पूरे 32 लाख कनेक्शन को सोलर युक्त किया जाए. जिससे किसानों को खेती में लाभ मिले और इससे सरकार को भी सब्सिडी के पैसे बचेंगे.” हर साल मध्यप्रदेश सरकार किसानों को खेती के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में 18 से 20 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है.
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