Suruchi World No. 1 Shooter: हरियाणा के झज्जर जिले के छोटे से गांव सासरौली की रहने वाली सुरुचि फोगाट आज दुनिया की नंबर -1 शूटर बन गई हैं, सुरुचि ने कुश्ती से लेकर शूटिंग तक कई चुनौतियां पार कीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर दिया।
पिता का सपना: बेटी बनीं चैंपियन…
इंद्र फोगाट ने बेटी के जन्म के साथ ही ठान लिया था कि उन्हें एक खिलाड़ी बनाएंगे। गरीबी व जिम्मेदारियों के चलते वे खुद खेल में करियर नहीं बना सके। आर्मी से रिटायर होने के बाद बेटी सुरुचि को पहलवानी सिखाने लगे, ताकि उनका सपना बेटी के जरिए पूरा हो सके।
Quite a year for 🇮🇳 at the @issf_official world cups this year with young Suruchi as the undoubted 💫 . Over to the worlds now.#ISSFWorldCup #Shooting #Rifle #Pistol #Shotgun #India #TeamIndia #ShootingSports pic.twitter.com/fWWY3ogAh0
— NRAI (@OfficialNRAI) September 16, 2025
कुश्ती के दौरान सुरुचि हुईं थी चोटिल…
सुरुचि के पिता इंद्र फोगाट ने बताया कि – ‘जब सुरुचि का जन्म हुआ, तब कुछ दिन पहले ही डेप्थ ओलिंपिक में गांव के वीरेंद्र उर्फ गूंगा पहलवान गोल्ड मेडल जीतकर लौटे थे। तभी मन में ठान लिया कि बेटी को अच्छी पहलवान बनाऊंगा।’
उन्होंने आगे कहा कि-
‘वह 2019 में आर्मी से हवलदार से रिटायर हो गए। उस समय बेटी 12 साल की थी और आते ही बेटी सुरुचि को पहलवानी के लिए गांव के ही अखाड़े में ले जाने लगे। बेटी को पहलवानी करते 5 महीने ही गुजरे थे कि एक कुश्ती ने उन्हें झकझोर दिया।’
‘अखाड़े में पहलवानी करते समय सुरुचि को गले की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी, जिससे उनका खेलना लगभग बंद ही हो गया। छह महीने तक इलाज चला, लेकिन डर के कारण उन्होंने फिर अखाड़े में कदम नहीं रखा। इसी दौरान पिता इंद्र फोगाट ने बेटी का खेल बदलने का फैसला लिया।’

शूटिंग की दुनिया में कदम…
महज 13 साल की उम्र में सुरुचि को शूटिंग में भेजा गया। धीरे-धीरे उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने दिन-रात अभ्यास कर 2 साल में राष्ट्रीय स्तर का मेडल जीत लिया। 2019 में शुरू हुई शूटिंग यात्रा ने छह साल में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की नंबर-1 शूटर बना दिया।
सुरुचि के इंटरनेशनल मेडल्स…
1. जूनियर वर्ल्ड कप, जर्मनी 2023: 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल
2. एशिया शूटिंग चैंपियनशिप, साउथ कोरिया 2023: सिल्वर मेडल
3. ISSF वर्ल्ड कप, अर्जेंटीना (अप्रैल 2025): सिंगल गोल्ड और टीम ब्रॉन्ज मेडल
4. ISSF वर्ल्ड कप, पेरू (2025): दो गोल्ड मेडल
5. ISSF वर्ल्ड कप, जर्मनी (2025): गोल्ड मेडल
6. शूटिंग एशियन चैंपियनशिप (2025): दो ब्रॉन्ज मेडल
ओलंपिक में मेडल की आस…
सुरुचि की मां सुदेश देवी ने बताया कि -‘उनकी बेटी को लेकर उन्हें बहुत उम्मीदें हैं। उनका सपना है कि सुरुचि ओलिंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम पूरी दुनिया में रौशन करे। खुद सुरुचि भी बार-बार यही बताती हैं कि अपने माता-पिता का सपना पूरा करने और देश के लिए गोल्ड मेडल लाने के लिए वह जी-जान से मेहनत करेंगी।’
