Bastar Heritage Marathon 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर में रविवार को आयोजित बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 सिर्फ एक खेल आयोजन भर नहीं रहा। इस बार दौड़ में शामिल 200 से ज्यादा सरेंडर्ड नक्सलियों ने इसे एक अलग ही पहचान दे दी जहां ट्रैक पर कदमों के साथ समाज में लौटने का संदेश भी साफ दिखा।
Bastar Heritage Marathon 2026: देश-विदेश के धावकों ने बढ़ाई रौनक
जगदलपुर में आयोजित इस मैराथन में कुल 9,235 प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें बस्तर संभाग के 8,127 धावक, राज्य के बाहर से 202 और 120 अंतरराष्ट्रीय एथलीट शामिल रहे। केन्या और इथोपिया के खिलाड़ियों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता को प्रोफेशनल टच दिया।
Bastar Heritage Marathon 2026: हर उम्र के लिए अलग दौड़, 5KM में सबसे ज्यादा भीड़
मैराथन को 5, 10, 21 और 42 किलोमीटर कैटेगरी में आयोजित किया गया। इनमें 5 किमी दौड़ सबसे ज्यादा लोकप्रिय रही, जिसमें 3,452 लोगों ने हिस्सा लिया। छोटी दूरी से लेकर लंबी रेस तक हर वर्ग के लोगों की भागीदारी नजर आई।फुल मैराथन यानी 42 किमी रेस आयोजन का मुख्य केंद्र रही। यह दौड़ जगदलपुर के लालबाग मैदान से शुरू होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंची। रास्ते भर धावकों का उत्साह और दर्शकों का समर्थन देखने लायक रहा।
महिलाओं की मजबूत भागीदारी
इस बार 2,313 महिला एथलीट्स ने हिस्सा लिया। बस्तर जैसे क्षेत्र में महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी खेलों के बदलते माहौल की ओर इशारा करती है।सरेंडर्ड नक्सलियों की मौजूदगी ने खींचा ध्यान इस आयोजन की सबसे खास बात रही 200 से ज्यादा सरेंडर्ड नक्सलियों की भागीदारी। उन्होंने आम धावकों के साथ दौड़कर मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश दिया। यही वजह है कि इस मैराथन को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
25 लाख की प्राइज मनी
प्रतियोगिता में कुल 25 लाख रुपए की प्राइज मनी रखी गई। इस बार “बस्तर कैटेगरी” जोड़ने से स्थानीय एथलीट्स को अलग पहचान मिली। वहीं जिले के प्रतिभागियों के लिए रजिस्ट्रेशन भी मुफ्त रखा गया।
