3.5 करोड़ तिरंगे ‘मेड इन इंडिया’ फैब्रिक से होंगे तैयार
गुजरात के सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री इस बार फिर देशभक्ति के रंग में रंग चुकी है। स्वतंत्रता दिवस 2025 के लिए 3.5 करोड़ तिरंगे झंडों का निर्माण जोरों पर है। इस बड़े प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू ₹100 करोड़ से ज्यादा है।

इस ऐतिहासिक ऑर्डर की सबसे बड़ी हिस्सेदारी सूरत के जाने-माने टेक्सटाइल व्यापारी प्रवीण गुप्ता को मिली है, जिन्हें अकेले ही 1 करोड़ से ज्यादा झंडों का ऑर्डर मिला है।
‘मेड इन इंडिया’ का झंडा उठाए सूरत
जहां पहले तिरंगे चीन से मंगाए जाते थे, अब सूरत की इंडस्ट्री उन्हें ‘Made in India’ फैब्रिक से तैयार कर रही है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से प्रेरित होकर ये पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रवीण गुप्ता की कंपनी बड़े आकार के झंडों के निर्माण में विशेष दक्षता रखती है, जिन्हें वर्ल्ड कप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस बार उन्होंने गुजरात, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकारों से बड़े ऑर्डर प्राप्त किए हैं।
छोटे तिरंगों की सबसे ज्यादा मांग
5×3 इंच और 20×30 इंच जैसे छोटे आकार के झंडों की मांग सबसे अधिक है। ये छात्र-छात्राओं, कार्यालयों, वाहनों और गिफ्टिंग के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। इसके अलावा, 20×30 फीट तक के बड़े झंडे भी तैयार किए जा रहे हैं।

स्मारक के तौर पर भी बनेंगे तिरंगे
इस बार झंडों को फ्रेम में सजाकर भी तैयार किया जा रहा है, ताकि लोग इन्हें यादगार के रूप में सहेज सकें।
फेडरेशन ऑफ टेक्सटाइल सूरत ट्रेडर्स एसोसिएशन के निदेशक कैलाश कहिम के अनुसार, “इस साल सूरत को 3.5 करोड़ तिरंगे बनाने का ऑर्डर मिला है, जिससे ₹100 करोड़ का कारोबार होगा।”
25 फ्लैग मैन्युफैक्चरिंग स्पेशलिस्ट
सूरत में करीब 25 बड़े औद्योगिक घराने हैं जो सिर्फ तिरंगे बनाने के विशेषज्ञ माने जाते हैं। हर साल देशभर से इन्हें ही ऑर्डर मिलता है।

देशभक्ति और आत्मनिर्भरता का संगम
सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री इस बार केवल कपड़ा नहीं, देशभक्ति और आत्मनिर्भरता का झंडा भी तैयार कर रही है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को सफल बनाने में सूरत की भूमिका बेहद अहम साबित हो रही है।
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