Stray Dogs Protest in bhopal: आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ देश के कई हिस्सों में आंदोलन शुरू हो गए हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित शाहपुरा लेक पार्क में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पीपल्स फॉर एनिमल (PFA) की स्टेट कोऑर्डिनेटर और भोपाल यूनिट हेड स्वाति गौरव के नेतृत्व में किया गया। स्वाति का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का 7 नवंबर 2024 का फैसला न सिर्फ अव्यावहारिक है, बल्कि मौजूदा ABC (Animal Birth Control) Rules का सीधा उल्लंघन भी करता है।


क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?
स्वाति गौरव ने कहा कि ABC नियमों के तहत किसी भी सामुदायिक कुत्ते को उसके क्षेत्र से हटाना पूरी तरह गैर-कानूनी है। यदि किसी कुत्ते को पकड़कर दूसरी जगह छोड़ा जाता है तो यह कानून के खिलाफ है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में निर्देश दिया था कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों व पशुओं को हटाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पकड़े गए कुत्तों को उसी स्थान पर वापस नहीं छोड़ा जाए, बल्कि उन्हें शेल्टर होम में रखा जाए।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को स्वयं संज्ञान में लिया था, जब एक मीडिया रिपोर्ट में दिल्ली में बच्चों को कुत्तों के काटने और रैबीज के बढ़ते मामलों का उल्लेख किया गया। अब कोर्ट ने इस मामले का दायरा पूरे देश में लागू कर दिया है। इसकी अगली सुनवाई 13 जनवरी 2025 को होगी।
Stray Dogs Protest in bhopal: MP में 10 लाख डॉग्स
इधर, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की रिपोर्ट बताती है कि मध्यप्रदेश में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या 10 लाख 9 हजार से अधिक है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में ही 6 लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते मौजूद हैं। बढ़ती संख्या और सरकारी दिशा-निर्देशों के बीच यह विषय अब राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन चुका है।
