एक्सपर्ट कमेटी का गठन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी मौजूदा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी। इसके बाद कोर्ट को सुझाव देगी। कोर्ट ने केंद्र और अरावली के 4 राज्यों – राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और हरियाणा को भी नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

Supreme Court Aravalli mining stay: अदालत ने साफ कर दिया है कि अगली सुनवाई तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा। इन सिफारिशों में से एक में कहा गया है कि 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को ही अरावली पर्वतमाला माना जाए।
‘जनता की इच्छा समझे सरकार’
इसको लेकर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा-
हमें बहुत खुशी है कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी किया है। हम इसका स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि सरकार भी जनता की मांग को समझेगी।
Supreme Court Aravalli mining stay: नए खनन पट्टों पर रोक
बता दे कि, विवाद बढ़ने पर केंद्र सरकार ने अरावली में नए खनन पट्टों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए। 24 दिसंबर को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बयान में कहा कि पूरी अरावली में कोई नया खनन लीज नहीं जारी होगा। केंद्र ने राज्य सरकारों को अरावली में किसी भी तरह के नए खनन पट्टे देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। ये प्रतिबंध पूरे अरावली पर समान रूप से लागू होंगे।
अरावली केवल पहाड़ियां नहीं राजस्थान का गौरव, खतरे में अरावली का अस्तीत्व?
Save Aravali Hills: अरावली…ये सिर्फ पहाड़ियां नहीं गौरव है राजस्थान का। इन पहाड़ियों का कण-कण वीरो की गाथा सुनाता है। अरावली है तो राजस्थान में पानी है।

अरावली उस वक्त बनी जब इंडियन टेक्टॉनिक प्लेट युरेशियन टेक्टोनिक प्लेट से अलग हो रही थी। पहली बार जीवन इसी पर्वत पर पैदा हुआ। लेकिन अब उसी अरावली की परिभाषा बदल दी गई। पूरी खबर..
