Superfood for Fasting: साबूदाना, जिसे इंग्लिश में ‘टैपिओका पर्ल्स’ कहा जाता है, भारतीय रसोई का एक जाना-पहचाना नाम है, खासकर व्रत-उपवास के समय में। यह मुख्यतः कसावा नामक पौधे की जड़ से तैयार किया जाता है। हल्का, सुपाच्य और ऊर्जा से भरपूर होने के कारण यह लंबे समय से उपवास के भोजन का प्रमुख हिस्सा रहा है। हालांकि, इसके फायदे जितने हैं, कुछ नुकसान भी हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
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साबूदाना खाने के फायदे…
ऊर्जा का उत्तम स्रोत..
साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर को त्वरित ऊर्जा देने का काम करती है। यही कारण है कि व्रत या उपवास में इसे खाना शरीर को कमजोर होने से बचाता है। मेहनत वाले काम करने वालों के लिए भी यह अच्छा विकल्प है।
पाचन में सहायक..
यह सुपाच्य होता है और पेट पर अधिक दबाव नहीं डालता। जिन लोगों को अपच, गैस या एसिडिटी की समस्या होती है, उनके लिए हल्का भोजन चाहिए, और साबूदाना इस दृष्टि से उपयुक्त होता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी..
साबूदाना में फोलिक एसिड और विटामिन बी6 मौजूद होता है, जो भ्रूण के विकास के लिए लाभकारी होता है। साथ ही इसमें मौजूद कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम गर्भवती महिलाओं की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करता है।
हड्डियों को मजबूती दें…
साबूदाना में कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। बढ़ती उम्र में हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है।
ग्लूटन फ्री डाइट वालों के लिए उपयुक्त..
जो लोग ग्लूटन इन्टॉलरेंट हैं यानी गेहूं जैसे अनाज से एलर्जी है, उनके लिए साबूदाना एक बेहतर विकल्प है क्योंकि यह पूरी तरह ग्लूटन-फ्री होता है।
त्वचा और बालों के लिए लाभकारी..
साबूदाना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और अमीनो एसिड्स त्वचा की सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं। यह बालों की जड़ों को पोषण देकर झड़ने की समस्या से राहत दिला सकता है।
वजन बढ़ाने में मददगार…
जो लोग दुबलेपन की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए साबूदाना कारगर साबित हो सकता है। इसमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जिससे वजन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

साबूदाना खाने के नुकसान…
बढ़ सकता है मोटापा
चूंकि साबूदाना में फैट तो नहीं होता, लेकिन कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत अधिक होती है। यदि इसे अधिक मात्रा में और कम शारीरिक गतिविधि के साथ लिया जाए, तो यह मोटापे का कारण बन सकता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए हानिकारक…
साबूदाना शरीर में जाकर ग्लूकोज में परिवर्तित होता है और शुगर लेवल तेजी से बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन सावधानीपूर्वक और डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।
पोषण की कमी…
हालांकि यह ऊर्जा देने में सक्षम है, लेकिन प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा इसमें बहुत कम होती है। केवल साबूदाना पर निर्भर रहना पोषण की दृष्टि से नुकसानदायक हो सकता है।
कब्ज की हो सकती है समस्या…
साबूदाना में फाइबर की मात्रा कम होती है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है और कब्ज की समस्या उत्पन्न कर सकता है।
एलर्जी की संभावना…
कुछ लोगों को साबूदाना से एलर्जी हो सकती है। त्वचा पर रैश, पेट दर्द, उल्टी या डायरिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए और चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

सही तरीका और मात्रा में करें सेवन…
1. साबूदाना को खाने से पहले 4-5 घंटे पानी में भिगोकर रखना चाहिए ताकि यह अच्छी तरह फूल जाए और पकने में आसानी हो।
2. इसे मूंगफली, आलू और हरी सब्जियों के साथ पकाकर खाने से पोषण बढ़ता है।
3. उपवास के दौरान सीमित मात्रा में खाना ही उचित है।
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