Dream Budget: दिसंबर 2012 में एक मशहूर पत्रिका ने एक रिपोर्ट छापी जिसने सियासत में दिलचस्पी रखने वाले तमाम
लोगों को हैरत मे डाल दिया l रिपोर्ट में ऐसा संकेत दिया गया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जल्द ही अपने पद से हटाए जा सकते हैं और उनकी जगह कोई दूसरा नेता यह पद ले सकता है l इसके बाद सियासी हलकों में सुगबुगाहट शुरू हो गई की मनमोहन सिंह हटेंगे तो उनकी जगह कौन लेगा l तभी द्रमुक सुप्रीमो एम करुणानिधि के एक बयान ने सबको चौँका दिया उन्होंने कहा की ‘ देश का अगला प्रधानमंत्री दक्षिण का कोई धोतीवाला होगा.’ उनका इशारा मनमोहन सरकार में वित्त मंत्री पी. चिंदबरम की ओर था. हालांकि वो प्रधानमंत्री तो नहीं बन पाए, लेकिन कम जनाधार के बावजूद वे मनमोहन सरकार मे सबसे ताकतवर मंत्री रहे, इसके वजह उनकी आर्थिक मामलों को लेकर समझदारी और कैसे देश की अर्थव्यस्था को कैसे विकास की पटरी पर दौड़ाया जाये उसका ज्ञान था l चिदंबरम देश के ऐसे वित्त मंत्री थे, जिन्होंने 1997 में देश मे ‘ड्रीम बजट’
पेश किया था.
Saturday Special Story- देश में आर्थिक संकट का “ब्लैक बजट”

Dream Budget: 1997 बजट को ‘ड्रीम बजट’ क्यों कहा गया – आजाद भारत में सबसे चर्चित बजट 1997 में पेश हुआ था
जिसे ड्रीम बजट कहा गया l ऐसा इसलिए क्योंकि 27 फरवरी, 1997 को पेश हुए इस बजट में आर्थिक सुधार का सम्पूर्ण रोडमैप रखा गया था l इस बजट में इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की गई थी जिससे मध्यम वर्गीय और उच्च वर्गीय लोग खुश हुए तब इनकम टैक्स की ऊपरी सीमा को 40% से घटाकर 30% किया गया था l इस बजट के बाद प्राइवेटाइजेशन मे तेजी आई जिससे कॉर्पोरेट घराने खुश हुए और इस कारण देश की आर्थिक तकदीर बदल दी आसान शब्दों में कहा जाए तो इस बजट ने सभी तबके के लोगों के सपनों को पंख लगाए और इस कारण इसे ड्रीम बजट कह गया.
Dream Budget:VDIS ने किया कमाल – इसी बजट में चिदंबरम ने काले धन को सामने लाने के लिए एक स्कीम लॉन्च की
जिसे वॉलिंटरी डिसक्लोजर ऑफ इनकम स्कीम (VDIS) का नाम दिया गया l इस स्कीम के आने से लोगों ने अपनी अघोषित आय का खुलासा किया जिसका नतीजा ये रहा कि पर्सनल इनकम टैक्स मे रिकॉर्ड 18,700 करोड़ रुपये की आय हुई.
Budget 2025: आमजन की अपेक्षाएं

Dream Budget: लकी वित्त मंत्री – एक वाकये मे यशवंत सिन्हा ने चिदंबरम को ‘लकी फाइनेंस मिनिस्टर’ कहा था दरअसल
ऐसा कहा जाता है कि 1996 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री बने तो उन्हें मनमोहन सिंह के द्वारा किए गए कामों के लिये अच्छा फल मिला था और उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया l जब चिदंबरम वित्त मंत्री बने तब GDP की दर 7% थी और फिस्कल डेफिसिट 4.5% था लिहाजा उन्हें पहले से ही एक मजबूत नींव मिली थी जिस पर उन्होंने मजबूत और विकासशील भारत की आधारशीला खड़ी कर दी.
