attack on sukma sdop: सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में तैनात एसडीओपी तोमेश वर्मा शुक्रवार को दंतेवाड़ा में अज्ञात युवक के चाकू हमले का शिकार हो गए। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी युवक को पकड़ लिया और उसके साथ ही इस घटना में शामिल महिला को भी हिरासत में लिया।
दुर्ग से दंतेवाड़ा तक हमले की योजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी युवक रविशंकर साहू निवासी दुर्ग और उसके साथी महिला ने दुर्ग से दंतेवाड़ा तक एसडीओपी पर हमला करने की योजना बनाई थी। घटना उस समय हुई जब तोमेश वर्मा 19 दिसंबर को न्यायालयीन प्रकरण से जुड़े मामले में दंतेवाड़ा जिला न्यायालय आए थे। बाजार क्षेत्र में वाहन से उतरते ही आरोपी युवक ने उनके ऊपर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जमकर धुनाई की और पूछताछ कर रही है।
हमले के पीछे की ये थी वजह
इस हमले को लेकर चर्चा है कि एसडीओपी वर्मा पहले दुर्ग जिले में तैनात थे। कुछ लोगों का मानना है कि आरोपी महिला और तोमेश वर्मा के बीच किसी पुराने विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। फिलहाल, एसडीओपी वर्मा सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में पदस्थ हैं।
हमले में एसडीओपी पर गंभीर आरोप
एसडीओपी वर्मा पर पहले भी गंभीर आरोप लगे हैं। वर्ष 2024 में दुर्ग जिले में उनकी खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि रिश्ते में भाभी लगने वाली महिला के घर में घुसकर वर्मा ने उसके साथ दुष्कर्म और मारपीट की। यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।
जमानत पर हैं तोमेश वर्मा
पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है और एसडीओपी वर्मा जमानत पर हैं। सुकमा में वर्तमान पदस्थ होने के बावजूद उनके पुराने आरोपों और विवादित व्यक्तित्व के चलते यह हमला उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
