Suji Health Benefits: भारतीय रसोई की लोकप्रिय वस्तु जो कि सबसे ज्यादा नाश्ता बनाने में इस्तेमाल की जाती है। वो है रवा जो खाने में हेल्दी होता है। इससे हलवा, इडली, उपमा, चीला, ढोकला और डोसा जैसी कई डिशेज बनाने में इसका उपयोग किया जाता है। ये सब खाने में बेहद टेस्टी और आसानी से तैयार होने वाली डिसेज हैं। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। आइए जानते सूजी की बनी चीजे खाने के फायदों के बारें में…
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सूजी में पाए जाने वाले पोषक तत्व…
हेल्थलाइन के अनुसार 56 ग्राम सूजी में लगभग 198 कैलोरी, 40 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 7 ग्राम प्रोटीन, 7 प्रतिशत फाइबर, 41 प्रतिशत थायमिन, 36 प्रतिशत फोलेट, 29 प्रतिशत राइबोफ्लेविन, 8 प्रतिशत मैग्नीशियम और 13 प्रतिशत आयरन होता है। हालांकि पकाने के बाद कुछ न्यूट्रिएंट्स कम हो सकते हैं।

नाश्ते में सूजी खाने के फायदे…
सूत्रो के अनुसार, धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर डायटिशियन पायल बताती है कि अगर आप हफ्ते में दो-तीन बार सूजी की बनी डिसेज जैसे इडली, उपमा या चीला खाते हैं, तो इससे हेल्थ को कई फायदे मिल सकते हैं।
1. पचाने में आसान: सूजी हल्की होती है और पेट पर भारी नहीं पड़ती।
2. ऊर्जा का अच्छा स्रोत: इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं।
3. संतुलित नाश्ता: अगर सूजी को दही, दाल या सब्जियों के साथ लिया जाए तो प्रोटीन, फाइबर और अन्य विटामिन भी शरीर को मिल सकते हैं।

रोजाना सूजी खाने के नुकसान…
हालांकि सूजी के कई फायदे हैं, लेकिन रोजाना सिर्फ सूजी खाने से पोषक तत्वों का इंबैलेंस हो सकता है।
1. ब्लड शुगर बढ़ सकता है: लंबे समय तक लगातार सूजी का सेवन करने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटिक लोग इसे सीमित मात्रा में ही लें।
2. वजन बढ़ने की संभावना: सूजी में कार्ब्स की अधिक मात्रा होती है। अगर इसे रोजाना और ज्यादा घी या तेल में बनाकर खाया जाए तो वजन बढ़ने की संभावना और भी बढ़ जाती है।
3. ग्लूटेन सेंसिटिविटी: जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी या पेट में समस्या होती है, उन्हें सूजी से परहेज करना चाहिए। ग्लूटेन पेट में भारीपन और दर्द का कारण बन सकता है।

सही तरीके से सूजी का सेवन कैसे करें…
एक्सपर्ट के अनुसार, सूजी को मॉडरेशन में खाने से ही फायदे मिलते हैं। बेहतर होगा कि हफ्ते में दो से तीन दिन सूजी को नाश्ते में शामिल किया जाए और बाकी दिनों में आप ओट्स, मूंग दाल चीला, बेसन चीला, पोहा या स्प्राउट्स जैसी हेल्दी ऑप्शन्स अपनाएं।
इसके अलावा, सूजी बनाते समय तेल और घी की मात्रा कम रखें। ज्यादा घी या तेल का इस्तेमाल न केवल कैलोरी बढ़ाता है, बल्कि वजन भी तेजी से बढ़ा सकता है।

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