Student Angel Chakma dies: देहरादून में कभी सुकून और अच्छे वातावरण के लिए जाना जाने वाला देहरादून शहर प्यार और मोहब्बत के लिए भी मशहूर था.
इसे सिटी ‘ऑफ लव’ कहा जाता है.. नशे के दलदल में फंसती युवा पीढ़ी अब इसकी मोहब्बत की आवोहवा और इसके नाम को बिगाड़ने का काम कर रही है.

मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया
Student Angel Chakma dies: बता दें की.. देहरादून में स्टडी कर रहे त्रिपुरा के स्टूडेंट एंजेल चकमा की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है.
एंजेल के छोटे भाई माइकल और उनके पिता तरुण प्रताप का दुख बार-बार छलक रहा है.
उन्होंने मीडिया को बताया कि किस तरह अपने माइकल को बचाने में एंजेल ने अपनी जान गंवा दी. वहीं इलाज के दौरान एंजेल ने क्या कुछ कहा था.

किस पर हुआ था नस्लीय हमला?
एंजेल चकमा के भाई माइकल चकमा ने एक वीडियो में बताया कि… 9 दिसंबर की शाम को एंजेल चकमा अपने भाई और दो साथियों के साथ कुछ सामान लेने के लिए किराना स्टोर जा रहे थे.
चाकू से हमला कर दिया
जहां कुछ युवाओं ने नस्लीय टिप्पणी करना शुरू कर दिया, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो युवाओं ने उनपर चाकू से हमला कर दिया और वह घायल हो गए.
उनकी मौत हो गई
जिसके बाद माइकल ने जैसे तैसे अपने भाई को अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन 17 दिनों बाद एंजेल चकमा जिंदगी की जंग हार गए. और उनकी मौत हो गई.
अब छोटे भाई माइकल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वो वीडियो एंजेल के आईसीयू में भर्ती के दौरान का है. इसमें वह आपबीती बता रहे हैं और भाई के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे.
तभी मेरा फोन आ गया
वीडियो में माइकल कहते दिखाई दे रहे हैं, मैं अपने भाई एंजेल और 2 दोस्तों के साथ नंदा की चौकी के पास समान लेने के लिए जा रहा था. तभी मेरा फोन आ गया.
मुझे पीटता देखा तो एंजेल मुझे बचाने आ गया
मैं फोन पर बात करने लगा. उसी समय कुछ युवा नशा किए हुए मुझे चिंकी बोलकर छेड़ने लगे. इस पर मैंने पूछा कि भाई क्या हुआ? इस पर उन्होंने मुझ पर ब्रेसलेट से हमला कर दिया. जब मुझे पीटता देखा तो एंजेल मुझे बचाने आ गया.
इसी बीच, युवाओं ने एंजेल पर चाकू से हमला कर दिया, जो उनकी रीढ़ की हड्डी पर जा लगा.
और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था..
और स्पाइन इंजरी के चलते चल भी नहीं पा रहा था. उनका दाईं ओर का हिस्सा काम नहीं कर पा रहा था और उन्हें आईसीयू में एडमिट किया गया.
लेकिन उनका भाई बच न सका
Student Angel Chakma dies: माइकल भाई के लिए इंसाफ की गुहार लगाते नजर आए और भाई की सलामती की दुआ भी करते नजर आए. लेकिन उनका भाई बच न सका.
एंजेल के क्या थे आखिरी बोल?

एंजेल के पिता तरुण प्रताप ने बताया कि एंजेल को 17 दिनों तक इलाज के दौरान भी बचाया नहीं जा सका. पिता ने सरकार से अपील की कि जैसा मेरे बेटे के साथ हुआ है किसी के भी बेटे के साथ भविष्य में ऐसा ना हो.
