स्वास्थ्य मंत्री ने खतरनाक रसायनों और रोगों का किया खुलासा
Strict Rules On Tattoo Parlors कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री, दिनेश गुंडू राव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार टैटू पार्लरों के लिए नए और कड़े नियम लागू करने की योजना बना रही है। यह निर्णय राज्य में टैटू बनाने की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया है। इसके तहत, टैटू पार्लरों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार केंद्र से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगी, ताकि टैटू बनाने की प्रक्रिया के लिए उपयुक्त दिशा-निर्देश निर्धारित किए जा सकें।
कर्नाटक में टैटू पार्लरों के लिए नए नियमों का प्रस्ताव
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में टैटू स्याही के नमूनों की जांच की थी, जिसमें 22 प्रकार के खतरनाक रसायन पाए गए थे। इनमें त्वचा कैंसर, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी, और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भी शामिल थे। टैटू प्रक्रिया से संबंधित संक्रमणों के कारण एड्स, कैंसर और त्वचा रोगों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंत्री ने कहा कि यह स्थिति खराब सफाई मानकों और टैटू बनाने की प्रक्रिया में खतरनाक रसायनों के उपयोग को लेकर चिंता का कारण बन रही है।
इडली बनाने में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध
स्वास्थ्य मंत्री गुंडू राव ने 28 फरवरी को कर्नाटक सरकार द्वारा एक और महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। राज्य सरकार ने इडली बनाने में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में यह पुष्टि हुई कि इडली बनाने में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा था। प्लास्टिक से निकलने वाले जहरीले रसायन भोजन के साथ मिलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं, जैसे कि कैंसर। इसके चलते राज्य भर के होटलों और रेस्टोरेंट्स में इडली बनाने में प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
Strict Rules On Tattoo Parlors टैटू स्याही में पाए गए खतरनाक रसायन
कर्नाटक सरकार द्वारा टैटू पार्लरों और खाद्य सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदम राज्यवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हैं। टैटू स्याही में पाए गए खतरनाक रसायनों और इडली बनाने में प्लास्टिक के उपयोग के मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। आने वाले समय में इन मुद्दों पर और कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि जनता को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर सेवाएं प्रदान की जा सकें।
