Stray Dog Attacks MP : मध्य प्रदेश में लगभग 10 लाख आवारा कुत्ते हैं, जो लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। खासकर इंदौर में सबसे ज्यादा हमले दर्ज किए गए हैं। इस वजह से आम नागरिकों में दहशत का माहौल है। कई बार बच्चों और बुजुर्गों को इन कुत्तों ने काटा है, जिससे डर बढ़ा है।
इंदौर में सबसे ज्यादा हमले
इंदौर में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग तीन लाख है और यहां हर महीने औसतन 5 हजार लोग कुत्तों के काटने की घटनाओं के शिकार होते हैं। इंदौर में इस गंभीर स्थिति को देखकर प्रशासन ने नसबंदी के प्रयास तेज कर दिए हैं ताकि कुत्तों की संख्या नियंत्रित की जा सके।
भोपाल की पकड़-छोड़ नीति
भोपाल में प्रशासन द्वारा कुत्तों को पकड़ कर वापस उसी जगह छोड़ दिया जाता है, जहां से पकड़ा गया होता है। इससे समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाता और कुत्ते फिर से उसी क्षेत्र में आतंकित करते हैं। यह नीति लोगों में असंतोष और नाराजगी का कारण बनी हुई है।
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नसबंदी पर किए जा रहे प्रयास
मध्य प्रदेश में रोजाना लगभग 50 कुत्तों की नसबंदी हो रही है। इसके बावजूद कुत्तों की संख्या नियंत्रण से बाहर है। नगर निगम की तरफ से नसबंदी अभियान के लिए केंद्र सरकार को नए केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अतिरिक्त 3 शेल्टर होम भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बनाए गए हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और प्रशासनिक कदम
सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को शेल्टर होम में रखने और नसबंदी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को कुत्तों के काटने की घटनाओं पर कड़ी नजर रखने और प्रभावितों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया है।
भविष्य की रणनीतियां और आवश्यकता
समस्या को हल करने के लिए और अधिक शेल्टर होम बनाने, नसबंदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही, कुत्तों की बेहतर देखभाल और नियंत्रण के लिए प्रभावी टीम का गठन आवश्यक है।
मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या को खत्म करने के लिए प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना होगा ताकि सभी सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में रह सकें।
