भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने आज सतना और पन्ना जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 32 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
इन शहरों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई
मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। इन शहरों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर 4 इंच तक बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सागर, दमोह और अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
आपदा प्रबंधन दल भी अलर्ट मोड पर
सतना और पन्ना जिलों में सबसे अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा नहीं करने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल भी अलर्ट मोड पर हैं।