श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश में इस बार भव्य और दिव्य ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास और मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग की ओर से प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके विचारों और सनातन संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना है।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संगम
‘श्रीकृष्ण पर्व’ के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को विशेष रूप से मनाया जाएगा। कार्यक्रमों में भजन, कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, धार्मिक आयोजन और श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन आयोजनों के जरिए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने दी जानकारी
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने आयोजन की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण पर्व को प्रदेशभर में उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
श्रीकृष्ण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश
इस पर्व के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, कर्मयोग, धर्म और कर्तव्य के संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन में युवाओं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की दिशा में भी गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं।
जन्माष्टमी पर दिखेगा उत्सव का रंग
जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशभर में श्रीकृष्ण भक्ति का माहौल देखने को मिलेगा। मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ सांस्कृतिक मंचों पर भी विशेष आयोजन होंगे। सरकार और संस्कृति विभाग की इस पहल से जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी मनाया जाएगा।