जालंधर पुलिस ने अमेरिका में करीब 6 लाख अमेरिकी डॉलर की कथित धोखाधड़ी के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मंजीत सिंह बेदी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर अमेरिका में एक कंपनी से जुड़े करीब 600,000 डॉलर के कथित फ्रॉड का आरोप है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की ओर से भी उसे वांछित बताया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
16 अगस्त को दर्ज हुआ था केस
पुलिस के अनुसार, इस मामले को लेकर जालंधर के एक थाने में 16 अगस्त 2026 को धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर उसकी तलाश तेज की गई। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
यात्रा के दौरान पुलिस ने दबोचा
पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसकी लोकेशन और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। विशेष सूचना मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए मंजीत सिंह बेदी को यात्रा के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन में मिली सूचना अहम साबित हुई और टीम ने आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
2024-25 के बीच फ्रॉड का आरोप
जांच में सामने आया कि मंजीत सिंह बेदी पर अमेरिका में वर्ष 2024 से 2025 के बीच करीब 6 लाख डॉलर की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में FBI की ओर से उसकी तलाश की जा रही थी। हालांकि, कथित धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
दस्तावेज सौंपने के निर्देश नहीं माने
पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में जांच के दौरान बेदी को पासपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज सौंपने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि उसने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और अमेरिका से भारत लौट आया। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों की ओर से उसकी तलाश जारी रही। पुलिस अब उसके भारत लौटने से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
FBI ने सूचना पर इनाम घोषित किया था
बताया जा रहा है कि आरोपी की जानकारी उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के लिए FBI की ओर से इनाम की घोषणा भी की गई थी। जालंधर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी में आरोपी के साथ और कौन लोग जुड़े थे। साथ ही भारत लौटने के बाद उसकी गतिविधियों और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। मामले में पूछताछ जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।