
जब ब्रिटेन की हुकूमत भारत की ज़मीन पर उतरी — राजनीति, वाणिज्य और टेक्नॉलजी का संगम
india uk pm meet: सुबह मुंबई का आकाश हल्की धुंध में ढका था, लेकिन शहर की राहें इस दिन चमकदार उम्मीदों से सज गयी थीं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने 100 सदस्यीय जुम्बो डेलिगेशन के साथ भारत पहुंचे। यह उनका पहला आधिकारिक भारतीय दौरा है, और उसके साथ-साथ एक बड़ी तस्वीर भी है — एक नए आर्थिक और रणनीतिक अध्याय की शुरुआत।
india uk pm meet: मोदी से मुलाकात और Vision 2030 की रूपरेखा
9 अक्टूबर की सुबह, मुंबई में पीएम मोदी और स्टार्मर आमने-सामने आकर बातें करेंगे। विषय होंगे — व्यापार, तकनीक, नई साझेदारियाँ और वो “Vision 2030” जिसके तहत दोनों देश व्यापार को दोगुना करने का सपना देख रहे हैं। जब जुलाई में दोनों देशों ने India‑UK Free Trade Agreement (FTA) पर हस्ताक्षर किए, तब उम्मीदों की बयार चल पड़ी थी कि अब नया दौर शुरू होगा।
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लेकिन इस यात्रा में एक विवाद भी साथ है — वीजा नीति। स्टार्मर ने स्पष्ट कर दिया है कि इस समझौते में वीजा सुधार शामिल नहीं है — यानी भारतीय चहलकदमी करना चाहे, नया रास्ता नहीं खुलने वाला।
Global Fintech Fest में साथ, डिजिटल इंडिया बनाम ब्रिटिश टेक-विजन
मुंबई में 7 से 9 अक्टूबर तक होने वाला Global Fintech Fest 2025 इस दौरे का एक बड़ा मंच बनेगा। दोनों पीएम इस इवेंट में हिस्सा लेंगे — विचार-विमर्श करेंगे कि कैसे AI, फिनटेक और डिजिटल वित्त को मिलाकर दुनिया में भारत-अंग्रेजी को नई पहचान दी जाए।
इस आयोजन में हिस्सा लेने वालों की संख्या लाखों में है, जिसमें स्टार्टअप्स, रेगुलेटर, निवेशक और नीति निर्माता शामिल हैं। यह मंच भारत के डिजिटल दांव और ब्रिटेन की तकनीक-आधारित ताकत को जोड़ने की चाबी बन सकता है।

india uk pm meet: चुनौतियाँ, नीतियाँ और सवाल
यदि FTA में वीजा सुधार नहीं है, तो कैसे भारतीय युवाओं की प्रतिभा को अवसर मिलेगा? व्यापार सुविधा बढ़ेगी या बाधाएं रहेंगी — दोनों देशों की नीतियों पर नजर ज़रूरी है। टेक्नॉलजी साझेदारी क्या सर्विस सेक्टर में भारत को बढ़त देगी? सुरक्षा, डेटा, और साइबर मुद्दे कैसे तय होंगे जब दोनों देश एक साथ कदम बढ़ाएँगे?
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