Standing While Drinking Water: पानी हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन हम पानी किस तरह पीते हैं यह भी ध्यान देने वाली चीज है। आपने देखा होगा जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं, अक्सर बड़े बुजुर्ग हमें टोकते हैं कि खड़े होकर पानी मत पियो। लेकिन क्या आप जानते हैं वो हमे खड़े होकर पानी पीने से क्यों मना करते हैं।
Read More: Hair care tips: रात में की गई ये आदतें बना सकती हैं बालों को फ्रिज़ी और कमजोर, जानें कैसे करें बचाव
विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि खड़े होकर पानी पीने की आदत कई बार शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। आइए जानते आखिर खड़े होकर पानी पीने से क्या – क्या नुकसान हो सकते हैं।
खड़े होकर पानी पीने के नुकसान…
किडनी पर बढ़ सकता है दबाव…
खड़े होकर पानी पीने से किडनी पर दबाव बढ़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खड़े होने की स्थिति में पानी सीधे गुर्दों में जाता है, जिससे उनका काम करने का तरीका प्रभावित होता है। लंबे समय तक यह आदत किडनी की कार्यक्षमता को धीमा कर सकती है और मूत्र संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकती है।

पाचन तंत्र पड़ सकता है कमजोर…
खड़े होकर पानी पीने से भोजन पचाने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। जब आप खड़े रहते हैं, तो पानी तेजी से पेट में पहुंचता है और पाचन एंजाइम्स को काम करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। इसके कारण अपच, पेट फूलना और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
जोड़ों और मांसपेशियों पर असर…
खड़े होकर पानी पीते समय शरीर का संतुलन बनाए रखना पड़ता है। इससे लंबे समय तक मांसपेशियों और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है। विशेषकर कमर, पीठ और घुटनों में दर्द की शिकायत बढ़ सकती है।

हृदय पर असर…
खड़े होकर बहुत अधिक मात्रा में पानी पीना हृदय और रक्त परिसंचरण के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसके कारण खून की गति प्रभावित होती है और शरीर में अचानक से पानी का वितरण बदलने से दिल की धड़कन असमान हो सकती है।
तनाव और थकान…
खड़े होकर पानी पीने से शरीर के तंत्रिका तंत्र पर भी असर पड़ता है। यह आदत धीरे-धीरे शरीर में थकान और मानसिक तनाव पैदा कर सकती है।

विशेषज्ञों की राय…
आयुर्वेदाचार्य और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पानी पीने का सही तरीका बैठकर या आधे झुके हुए पीना है। इस स्थिति में पेट और गुर्दों पर दबाव कम होता है और पानी धीरे-धीरे शरीर में अवशोषित होता है। इसके अतिरिक्त:
1. छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना चाहिए।
2. भारी भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएं, खाने के 20-30 मिनट बाद पानी लेना पाचन के लिए बेहतर होता है।
3. सुबह खाली पेट पानी पीना, बैठकर गुनगुना पानी पीने से शरीर के मेटाबॉलिज्म और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद मिलती है।

बैठकर पानी पीने के फायदे…
1. पानी धीरे-धीरे पेट में जाता है और पाचन एंजाइम्स को सही तरीके से काम करने का मौका मिलता है।
2. बैठकर पानी पीने से किडनी पर अचानक दबाव नहीं पड़ता।
3. तनाव और थकान कम होती है। शरीर संतुलित स्थिति में होने से तंत्रिका तंत्र पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।
4. वजन नियंत्रित रहता है, सही तरीके से पानी पीने से भूख नियंत्रित रहती है और मेटाबॉलिज्म सही चलता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी…
विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चे और बुजुर्ग खड़े होकर पानी पीने से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। बच्चों का पेट और मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होती हैं, जबकि बुजुर्गों के जोड़ों और हृदय की क्षमता सीमित होती है। इसलिए उन्हें हमेशा बैठकर पानी पीने की सलाह दी जाती है।
NOTE- The information given has been taken from different websites, please take expert advice before adopting the information given.
