Srijan Program: कांग्रेस पार्टी के सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत बड़वानी में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पार्टी नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में पूरे देश में संगठन को मजबूत और सक्रिय करने की दिशा में एक पहल है।

Srijan Program: कई नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की
नवलपुरा स्थित यदुवंश धर्मशाला में आयोजित इस बैठक में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय पर्यवेक्षक राजेश तिवारी ने की, जबकि प्रादेशिक पर्यवेक्षक कैलाश कुंडल और सोनल भाबर ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नानेश चौधरी, प्रदेश सचिव गिरीश जायसवाल, अजय ठक्कर और हरचरण सिंह भाटिया समेत कई नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की।
Srijan Program: अल्पसंख्यक, महिला, और अन्य दो वर्ग शामिल होंगे
नई चयन प्रक्रिया के तहत, अब जिलाध्यक्ष के लिए छह नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इस पैनल में विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा, जिनमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक, महिला, और अन्य दो वर्ग शामिल होंगे।
Srijan Program: योग्यताओं और संगठनात्मक सोच को परखा
पहले यह पैनल प्रादेशिक पर्यवेक्षकों द्वारा तैयार कर पार्टी के राज्य संगठन को भेजा जाता था, लेकिन अब प्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय संगठन को यह पैनल भेजा जाएगा। इसी क्रम में पर्यवेक्षकों ने जिलाध्यक्ष पद के इच्छुक उम्मीदवारों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी योग्यताओं और संगठनात्मक सोच को परखा।
योजना पर कार्य किया जाएगा
Srijan Program: पर्यवेक्षकों ने 15 जून तक सभी नामों का पैनल तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर बैठकों का आयोजन होगा, जिसमें संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की योजना पर कार्य किया जाएगा।
20 जून तक सभी नाम केंद्रीय संगठन को भेजे जाएंगे
20 जून तक सभी नाम केंद्रीय संगठन को भेजे जाएंगे, और चयन प्रक्रिया के बाद नए जिलाध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। इसके बाद जिले में ब्लॉक से लेकर बूथ स्तर तक कांग्रेस कमेटियों का गठन किया जाएगा।
“सृजन कार्यक्रम” के तहत 2025 तक पूरे देश में लागू की
यह प्रक्रिया कांग्रेस के “सृजन कार्यक्रम” के तहत 2025 तक पूरे देश में लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाना और नेतृत्व में सामाजिक विविधता को शामिल करना है।
