SL Cricketer Team Security: इस्लामाबाद में हुए जानलेवा हमले के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान दौरा बीच में ही छोड़ दिया है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, टीम के आधे से अधिक खिलाड़ी अपने देश लौट चुके हैं।
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मंगलवार, 11 नवंबर को इस्लामाबाद की एक कोर्ट के बाहर हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद से टीम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
पाकिस्तान ने दी थी सुरक्षा की गारंटी…
हमले के बाद बुधवार को श्रीलंकाई टीम की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पाकिस्तान के गृहमंत्री और PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने खुद खिलाड़ियों और अधिकारियों से मुलाकात की थी और उन्हें पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था।
इसके बावजूद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने सुरक्षा को लेकर संतुष्टि जाहिर नहीं की और देश लौटने का फैसला किया।

अधूरी रह गई 3 मैचों की सीरीज…
श्रीलंका को पाकिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज खेलनी थी, जिसमें पाकिस्तान पहले मैच में 6 रन से जीत हासिल कर 1-0 से आगे चल रहा था।
सीरीज का दूसरा मुकाबला 13 नवंबर को खेला जाना था, लेकिन टीम के लौटने से दौरा अधूरा रह गया।

SLC ने खिलाड़ियों को दी चेतावनी…
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने बयान जारी कर कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़ी सभी चिंताओं का समाधान किया जा रहा है और दौरा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहना चाहिए।
बोर्ड ने यह भी चेताया कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ के खिलाफ जांच की जा सकती है।

पहले भी रद्द हो चुकी हैं विदेशी टीमें…
यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी टीम ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान दौरा रद्द किया हो।
21 सितंबर 2021 को न्यूजीलैंड ने भी संभावित आतंकवादी हमले की सूचना मिलने के बाद सीमित ओवरों की सीरीज रद्द कर दी थी और बिना कोई मैच खेले स्वदेश लौट गई थी।
सेना और रेंजर्स की सुरक्षा तैनाती…
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने मेहमान टीम की सुरक्षा में सेना और अर्धसैनिक रेंजर्स को तैनात किया था। सुरक्षा बल टीम के मूवमेंट और स्टेडियम के आसपास के इलाकों पर कड़ी नजर रख रहे थे।

2009 में हुआ था श्रीलंकाई टीम बस पर हमला…
मार्च 2009 में TTP आतंकियों ने लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के पास श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर हमला किया था। उस हमले में कोई खिलाड़ी नहीं मरा था, लेकिन कई घायल हुए थे।
उस घटना के बाद करीब 10 साल तक पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं हुआ था क्योंकि विदेशी टीमों ने सुरक्षा कारणों से वहां खेलने से इनकार कर दिया था।
