SP MLA Abu Azmi : महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने की कार्रवाई
SP MLA Abu Azmi : समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी औरंगजेब की तारीफ करने पर विवादों में घिर गए हैं। अबू आजमी को मुगल सम्राट की प्रशंसा करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। अबू आजमी को विधानसभा के पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने उन्हें निलंबित करने का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया।
SP MLA Abu Azmi : औरंगजेब की प्रशंसा करना पड़ा भारी
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने अबू आजमी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरे बजट सत्र से निलंबित कर दिया है। उन्होंने औरंगजेब की प्रशंसा की और कहा कि वह अत्याचारी नहीं है। पिछले दो दिनों से इस मुद्दे पर सियासत गरमा रही है।
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि आजमी को विधानसभा से निष्कासित किया जाना चाहिए और सिर्फ एक सत्र के लिए निलंबित नहीं किया जाना चाहिए। छत्रपति शिवाजी पूजनीय हैं और हम उनका अपमान करने वालों को नहीं छोड़ेंगे।
हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली थी। अबू आजमी के इस कमेंट को लेकर वह लगातार विरोधियों के निशाने पर रहे हैं। उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र से निलंबित करने की मांग की गई थी।
योगी ने विधानसभा में अबू आजमी के बयान का जिक्र किया
यूपी बजट सत्र के आखिरी दिन सीएम योगी ने विधानसभा में अबू आजमी के बयान का जिक्र किया। योगी ने कहा कि भारत की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को सपा से बाहर कर देना चाहिए। योगी ने कहा, ‘उसे (अबू आजमी) यहां बुलाइए। उत्तर प्रदेश ऐसे लोगों के इलाज में देरी नहीं करेगा।
शिंदे ने अबू आजमी पर साधा निशाना
पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे ने सपा नेता अबू आजमी पर निशाना साधा। उन्होंने विधान परिषद को बताया कि अबू आजमी ने इससे पहले भी मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे। अब वह जानबूझकर छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी का अपमान कर रहे हैं।
विवाद बढ़ने पर अबू आजमी ने मांगी माफी
औरंगजेब पर अपने बयान के बाद जब राजनीति गरमा गई तो अबू आजमी ने साफ कर दिया कि वह शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ बोलने के बारे में सोच भी नहीं सकते।
अबू आजमी ने कहा कि मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। मैंने औरंगजेब के बारे में वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है। मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या किसी अन्य महान व्यक्ति के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है।
