Som Distilleries license suspension: मध्य प्रदेश में नकली परमिट और अवैध शराब परिवहन केस में बड़ी कार्रवाई हुई है। प्रदेश को राजस्व का नुकसान पहुंचाने के केस में शराब कंपनी पर गाज गिरी। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने बड़ा आदेश देते हुए सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज के सभी लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए। कंपनी पर आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31 और 44 के तहत कार्रवाई की गई।
हालांकि, अभी हाईकोर्ट से सजा पर रोक लगी हुई है, लेकिन दोषसिद्धि बरकरार है। D-1, FL-9, B-3, CS-1 समेत कई लाइसेंस निलंबित हुए हैं.
क्या है मामला?
बता दे कि, एडीशनल सेशन जज, देपालपुर ने 23 दिसंबर 2023 को फैसला दिया था, जिसमें कोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज से जुड़े डायरेक्टर, प्रतिनिधि और कर्मचारियों को नकली परमिट और अवैध शराब परिवहन का दोषी माना। फिर दोषियों को कारावास और अर्थ दंड की सजा दी गई। लेकिन बाद में आरोपियों ने MP हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अपील की।

Som Distilleries license suspension: लाइसेंस कैंसिल
इंदौर हाईकोर्ट ने सिर्फ जेल जाने पर रोक लगाई। Conviction पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। इसी आधार पर सरकार ने माना कि लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह से सही है।
गंभीर धाराओं का उल्लंघन
आबकारी आयुक्त ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला—
धारा 31(1)(ख) – लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन
31(1)(ग) – अपराध में दोषसिद्धि
धारा 44 – सेवकों के कृत्य के लिए अनुज्ञप्तिधारी की जिम्मेदारी के अंतर्गत दंडनीय है।

आबकारी विभाग में भी गिरी गाज
Som Distilleries license suspension: इस मामले में शामिल शासकीय अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। आबकारी उपनिरीक्षक प्रीति गायकवाड को बर्ख़ास्त कर दिया गया। अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।
