Say Goodbye to Mattresses: आज के समय में हर किसी को आराम चाहिए। और इस बदलते दौर में आरामदायक गद्दे, स्प्रिंग बेड और मेमोरी फोम तकिया लोगों की नींद का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इन्हीं के वजह से कई समस्याओं का आपको सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप दर्द और बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो फर्श पर सोएं, आयुर्वेद और योगशास्त्र में इस बात को सदियों से महत्व दिया जा रहा है। जमीन पर सोने से शरीर को न केवल सही सपोर्ट मिलता है, बल्कि कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से भी राहत मिलती है।
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आखिर क्यों जमीन पर सोना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद…
1. रीढ़ की हड्डी को मिलती है प्राकृतिक स्थिति..
फर्श पर सोने का सबसे बड़ा लाभ है कि यह आपकी रीढ़ की हड्डी (spine) को एक सीधी, प्राकृतिक स्थिति में बनाए रखता है। अधिकतर लोग नरम गद्दों पर सोते हैं, जो शरीर के वजन के अनुसार नीचे दब जाते हैं और इससे पीठ में झुकाव, कमर दर्द और स्लिप डिस्क जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नम्रता चौधरी के अनुसार,
“जिन लोगों को लोअर बैक पेन, स्कोलियोसिस या पोश्चर से जुड़ी समस्याएं हैं, उनके लिए फर्श पर एक पतला चटाई या दरी बिछाकर सोना बेहद लाभदायक होता है।”

2. बेहतर ब्लड सर्कुलेशन
फर्श पर सोने से शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर समान रूप से दबाव पड़ता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है। यह विशेष रूप से हाथ-पैरों में सूजन, जकड़न, या मसल टाइटनेस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
यह आदत उन लोगों के लिए भी अच्छी है जो दिन भर बैठकर काम करते हैं और जिनके पैरों में थकान या भारीपन बना रहता है।
3. नींद की गुणवत्ता में सुधार
आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि फर्श पर सोने से गहरी और निर्बाध नींद आती है। इसका कारण यह है कि ज़मीन पर सोने से शरीर को अत्यधिक गर्मी नहीं लगती, और यह थर्मल बैलेंस को बनाए रखता है। साथ ही शरीर आरामदायक स्थिति में जल्दी चला जाता है।
एक शोध के अनुसार, फर्श पर सोने वालों में REM Sleep (गहरी नींद का चरण) की अवधि अधिक होती है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
4. मुद्रा (Posture) में सुधार
अगर आप दिन भर झुककर या कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करते हैं, तो हो सकता है आपकी शारीरिक मुद्रा खराब हो गई हो। फर्श पर सोने से शरीर एक सीधी रेखा में रहता है, जिससे शरीर की प्राकृतिक मुद्रा लौटती है।
यह आदत पीठ को मजबूत करती है और लंबे समय में कंधे, गर्दन और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं को दूर करती है।
5. सादा जीवन, सरल स्वास्थ्य
फर्श पर सोने का एक मनोवैज्ञानिक लाभ यह है कि यह जीवन को सरल और अनुशासित बनाता है। यह आदत मानसिक रूप से भी आपको जमीन से जोड़े रखती है, और अहंकार, विलासिता व आराम की आदतों से दूरी बनाती है।
अक्सर योगियों, साधुओं और ऋषियों को फर्श पर सोते देखा गया है क्योंकि यह आदत शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी मानी जाती है।

6. पीठ और गर्दन के दर्द में राहत
जो लोग नियमित रूप से गद्दे पर सोते हैं, उन्हें अक्सर सुबह उठते ही पीठ या गर्दन में जकड़न या हल्का दर्द महसूस होता है। इसका मुख्य कारण है शरीर का अनुचित सपोर्ट।
फर्श पर सोते समय यदि आप सरल तकिया या बिना तकिया सोते हैं, तो आपकी गर्दन और पीठ का अलाइनमेंट बेहतर रहता है। इससे दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है।
7. मोटापा नियंत्रित करने में सहायक
यह भले ही अजीब लगे, लेकिन फर्श पर सोने से शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधियां बेहतर होती हैं। जब शरीर सही मुद्रा में होता है, तो पाचन क्रिया सुधरती है, जिससे फैट स्टोरेज कम होता है और वजन नियंत्रण में रहता है।
इसके अलावा, फर्श पर सोने के दौरान करवट बदलने की आदत अधिक होती है, जो शरीर को हल्की गतिविधि में रखती है और ऊर्जा खपत को संतुलित करती है।

कैसे सोएं फर्श पर, कुछ जरूरी सावधानियां..
1. सीधे फर्श पर न सोएं, बल्कि एक दरी, योगा मैट या चटाई बिछाएं।
2. सर्दियों में फर्श बहुत ठंडा हो सकता है, इसलिए मोटा कम्बल नीचे बिछाएं।
3. पहली बार फर्श पर सोने वालों को शुरू में थोड़ा दर्द या असहजता हो सकती है, जो 3-4 दिनों में सामान्य हो जाती है।
4. कमर या पीठ की गंभीर समस्याओं वाले लोग डॉक्टर की सलाह से ही फर्श पर सोने की शुरुआत करें।
5. जरूरत हो तो पतले तकिए का प्रयोग करें, लेकिन ऊंचे तकिए से परहेज करें।
क्या सभी के लिए है फर्श पर सोना?
फर्श पर सोना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। जिन लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी), जोड़ों का दर्द, सर्जरी के बाद रिकवरी या बुजुर्गों को फर्श पर सोना असहज और नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।
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