Singhara Benefits: सर्दियों का मौसम आते ही मार्केट में एक फल सबसे ज्यादा दिखाई देता है, जो स्वाद के साथ – साथ सेहत का भी खजाना है और वो कोई और फल नहीं बल्कि सिंघाड़ा है। इसे लोग उबालकर, कच्चा या इसके आटे के रूप में बड़े चाव से खाते हैं।
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व्रत में इसका उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है, क्योंकि यह पेट को हल्का रखते हुए शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। सिंघाड़ा विटामिन-सी, मैंगनीज, पोटैशियम, फाइबर, प्रोटीन और कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।
आइए जानते हैं सिंघाड़ा खाने के सबसे बड़े हेल्थ बेनिफिट्स..
थायराइड के लिए बेहद फायदेमंद….
सिंघाड़ा आयोडीन और मैंगनीज का एक प्राकृतिक स्रोत है। आयोडीन थायराइड ग्रंथि को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है। जिन लोगों को थायराइड की समस्या है, उनके लिए सिंघाड़ा बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसके नियमित सेवन से गले से जुड़े रोगों, थकान, हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

पाचन और पेट की परेशानियों में राहत…
अगर आपको पेट दर्द, कब्ज या अपच की समस्या रहती है, तो सिंघाड़े का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सिंघाड़ा आटा (Water Chestnut Flour) आंतों के लिए काफी हल्का और फाइबर से भरपूर होता है। यह पाचन सुधारता है और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता है।
व्रत के दौरान लोग सिंघाड़े के आटे की पूड़ी या हलवा खाते हैं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और थकान भी कम होती है।
डिहाइड्रेशन दूर करने में सहायक…
यदि आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो सिंघाड़ा एक बेहतरीन प्राकृतिक हाइड्रेटर का काम करता है। सिंघाड़ा लगभग 70–75% पानी से बना होता है, जो शरीर में तरल पदार्थों की कमी को पूरा करता है।
यह उन लोगों के लिए भी बहुत अच्छा है जो दिनभर कम पानी पीते हैं या जिनको अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होती है।

हड्डियों और दांतों को मजबूत करें…
सिंघाड़ा कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी की हड्डियों और दांतों को मजबूती प्रदान करता है।
अगर इसे रोज के आहार में शामिल किया जाए, तो यह—
1. जोड़ों के दर्द।
2. हड्डियों की कमजोरी।
3. दांतों की समस्याओं में काफी हद तक राहत दे सकता है।
बालों के लिए प्राकृतिक टॉनिक…
सिंघाड़े में मौजूद लॉरिक एसिड (Lauric Acid) बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है, जिससे बाल झड़ना कम होता है।
इसके अलावा, यह सिर की स्कैल्प में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे नए बालों के विकास में भी मदद मिलती है। नियमित सेवन से बाल मजबूत, घने और शाइनी हो सकते हैं।

दिल को स्वस्थ रखें…
सिंघाड़ा पोटैशियम से भरपूर होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। ब्लड प्रेशर स्थिर रहने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का खतरा कम हो जाता है।
यह शरीर में अनचाहे सोडियम लेवल को भी संतुलित रखता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। जिन लोगों को हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं, उनके लिए सिंघाड़ा एक सुरक्षित और हेल्दी विकल्प है।
इम्यूनिटी को धीरे-धीरे बढ़ाए…
सिंघाड़ा विटामिन-सी का एक बढ़िया स्रोत है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
विटामिन-सी—
1. वायरल संक्रमण।
2. खांसी-जुकाम।
3. बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाने में सहायक है।
इसका नियमित सेवन आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाता है, जिससे मौसम बदलने पर बीमार पड़ने का खतरा कम हो जाता है।
क्यों शीतकाल में सिंघाड़ा होता है सबसे ज्यादा लाभकारी?
सर्दियों में शरीर को अधिक ऊर्जा, गर्माहट और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सिंघाड़ा—
1. शरीर की ऊर्जा बनाए रखता है।
2. जाड़े की कमजोरी को दूर करता है।
3. पानी की कमी नहीं होने देता।
4. इम्यूनिटी मजबूत करता है।
इसलिए यह ठंड के मौसम में एक परफेक्ट सुपरफूड माना जाता है।
कैसे करें सेवन?
आप सिंघाड़ा कई तरीकों से खा सकते हैं— उबालकर, कच्चा, सिंघाड़ा आटा (हलवा, पूड़ी, पैनकेक), सूप में और स्नैक के रूप में।
ध्यान रखें—एक दिन में 4–6 सिंघाड़े खाना पर्याप्त है।
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